एडीसी सतबीर सिंह कुंडू ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए व्यक्तिगत कारोबार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक के ऋण दिलवाने की योजना शुरू की है। जिला कैथल के लिए 40 केसों का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत जिन विधवा व तलाकशुदा महिलाओं की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है और आयु 18 से 55 वर्ष है, इस स्कीम की पात्र होंगी। इसमें कुल ऋण का 10 प्रतिशत हिस्सा महिला को स्वयं वहन करना होगा तथा शेष 90 प्रतिशत राशि बैंकों के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रति पूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा सब्सीडी के रूप में अदा की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये व अवधि 3 वर्ष जो भी पहले होंगी। विभिन्न क्रिया कलापों के लिए जैसे कि बुटीक, सिलाई-कड़ाई, ई-रिक्शा, मसाला, आचार इकाईयों, थैले का निर्माण, बेकरी, रेडीमेड गारमेंट्स व अन्य जिस भी कार्य में महिला सक्षम होगी। उसकी ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी।