माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। तेलंगाना के आदिलाबाद जा रहे तीन आईईडी भरे लौह कंटेनर व शस्त्र बरामदगी के बाद पंजाब के तरनतारन में डेढ़ किलो आरडीएक्स के साथ दो आतंकियों की गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। दोनों के बीच कड़ियां जुड़े होने की संभावना प्रबल हो गई है। इससे मजबूत साक्ष्यों के लिए करनाल पुलिस पहले तो आतंकी गुरप्रीत को लेकर पंजाब के फिरोजपुर गई थी, जहां पंजाब पुलिस ने फिरोजपुर से दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब तरनतारन में दो आतंकियों की गिरफ्तारी व डेढ़ किलो आरडीएक्स की बरामदगी के बाद पुलिस गुरप्रीत को लेकर तरनतारन पहुंची है।
पांच मई को करनाल पुलिस द्वारा देश को दहलाने की साजिश नाकाम करते हुए बब्बर खालसा के आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा से जुड़े गुरप्रीत सिंह, उसके सगे भाई अमनदीप सिंह के साथ भूपेंद्र सिंह व परमिंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लोहे के तीन कंटेनर में आईईडी, पाकिस्तान निर्मित पिस्टल, मैगजीन, 31 कारतूस व 1.30 लाख रुपये बरामद किया था। भले ही खुफिया एजेंसियां और पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे हों, लेकिन हर रोज छनकर नई बातें सामने आ रही हैं। गिरफ्तार आतंकियों से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्य की पुलिस व खुफिया एजेंसियां लगातार कई कई घंटे पूछताछ कर रही हैं। इसके बावजूद अभी तक उन स्लीपर सेल का खुलासा नहीं हो सका है, जो तेलंगाना के आदिलाबाद में विस्फोटक को रिसीव करने वाले थे और नांदेड़ में किसने विस्फोटक रिसीव किया है और अब वो कहां हैं।
ड्रोन के माध्यम से आखिर कब से विस्फोटक व हथियारों को पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में भेजा जा रहा था, अब तक कहां-कहां विस्फोटक सामग्री को पहुंचाया जा चुका है। फिलहाल तो रिंदा के नेटवर्क से जुड़े लोगों की अब तक आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जिस तरह महाराष्ट्र के नांदेड़, तेलंगाना के आदिलाबाद के मामले में रिंदा का भारत में नेटवर्क के मुखिया के रूप में गुरप्रीत सिंह सामने आ रहा था, वहीं, तरनतारन के एसएसपी रंजीत सिंह ढिल्लों ने खुलासा किया है कि तरनतारन में गिरफ्तार बलजिंदर सिंह बिंदू और जगजीग सिंह जग्गा बरामद आरडीएक्स को अजनाला के आवां वासाऊ निवासी जोबन जीत सिंह के इशारे पर आईईडी लेकर बताई गई लोकेशन पर पहुंचाता है। गुरप्रीत सिंह के समकक्ष ही अब जोबनजीत सिंह का नया नाम सामने आ गया है।
वर्जन
-गिरफ्तार आतंकी गुरप्रीत को लेकर गई पुलिस कल ही पंजाब के फिरोजपुर से लौटी है, लेकिन अब तरनतारन में आईईडी की बरामदगी के बाद एक बार फिर करनाल पुलिस, पंजाब के तरनतारन के लिए रवाना हो गई है। दोनों मामलों को फिलहाल जोड़कर देखा जा रहा है, यदि दोनों की कड़ियां जुड़ती हैं तो अहम जानकारी मिल सकती है।
-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक करनाल।
नहीं मिली स्लीपर सेल की जानकारी, महाराष्ट्र की चिंता बढ़ी
करनाल और पंजाब के तरनतारन में आईईडी की बरामदगी के बाद महाराष्ट्र पुलिस की चिंता और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि करनाल में गिरफ्तार आतंकियों से खुफिया एजेंसियों की पूछताछ के बाद पंजाब के तरनतारन में विस्फोटक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। अब तरनतारन में आरडीएक्स बरामद हो चुकी है, दो आरोपियों को गिरफ्तारी भी हो चुकी है। गिरफ्तार आतंकियों ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में विस्फोटक व हथियार पहुंचाने की बात स्वीकारी थी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक महाराष्ट्र पुलिस विस्फोटक छिपाकर रखने वाले स्लीपर सेल तक नहीं पहुंच पाई है, न ही नांदेड़ पहुंच चुका विस्फोटक बरामद हो सका है। फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस पूछताछ कर रही है और महाराष्ट्र सरकार के संपर्क में रहकर संभावित स्थानों पर तलाश भी की जा रही है।
बुधवार तक प्रोडक्शन वारंट पर लिया जा सकता है राजबीर
पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा का दाया हाथ बताया जा रहा राजबीर मौजूदा समय में बठिंडा जेल में बंद है, उसे करनाल लाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। प्रोडक्शन वारंट की अर्जी दे दी गई थी। सूत्रों के अनुसार राजबीर को बुधवार या बृहस्पतिवार तक प्रोडक्शन वारंट पर करनाल लाया जा सकता है, क्योंकि पुलिस का मानना है कि राजबीर इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। पूछताछ में उससे कई खुलासे हो सकते हैं।