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Karnal News: चल रे मन श्रीवृंदावन धाम रटेंगे राधे-राधे नाम, मिलेगे कुंज बिहारी...

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चल रे मन श्रीवृंदावन धाम रटेंगे राधे-राधे नाम, मिलेगे कुंज बिहारी...
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- श्री खाटू श्याम कीर्तन मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन जया किशोरी ने भजनों से बांधा समां
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। श्री खाटू श्याम कीर्तन मंडल की ओर से छठे दिन भी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास जया किशोरी के गाए भजन श्री राधे गोविंदा मन भज ले हरि का प्यारा नाम, गोपाला हरि का प्यारा नाम है, नंद लाला हरि का प्यारा नाम है। चल रे मन श्रीवृंदावन धाम रटेंगे राधे-राधे नाम, मिलेंगे कुंज बिहारी...। गलियों में शोर मचाया श्याम चूड़ी बेचने आया... पर श्रद्धालु जमकर झूमे।

सेक्टर-12 के मैदान में चल रही कथा में जया किशोरी ने कहा कि भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में धरती पर जन्म लिया और गोकुल में पलने लगे। मगर उनका असली उद्देश्य तो कंस से अपने माता-पिता और नाना को छुड़ाना था। कंस द्वारा बहुत ढूंढ़ने के बाद जब भगवान कृष्ण मिले तो उन्होंने भगवान कृष्ण को द्वंद्व युद्ध करने के लिए मथुरा बुलाया। तब दोनों भाई कृष्ण और बलराम ने इन्हें भी हरा दिया, इसके बाद भगवान कृष्ण ने कंस से उसकी तलवार छीनकर उसका सिर कलम कर दिया और अपने प्रियजनों को कारागार से मुक्त कराया। इस प्रकार कंस को भी भगवन विष्णु के हाथों से मरने का मौका मिला, जिसके कारण उसके इस जन्म के भी सभी पाप धुल गए।
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कथा व्यास जया किशोरी ने बताया कि गोपियों संग रासलीला के पात्रों में राधा-कृष्ण तथा गोपिकाएं रहती हैं। कृष्ण का गोपियों-सखियों के साथ अनुराग पूर्ण वृत्ताकार नृत्य होता है। कभी कृष्ण गोपियों के कार्यों एवं चेष्टाओं का अनुसरण करते हैं और कभी गोपियां कृष्ण की रूप चेष्टा का अनुसरण करती हैं। कभी राधा सखियों के रूप चेष्टाओं का अनुसरण करती हैं। कभी कृष्ण गोपियों के हाथ में हाथ बांधकर नाचते हैं, इन लीलाओं की कथावस्तु प्रायः राधा-कृष्ण की प्रेम क्रीड़ा होती है।
रुक्मिणी जी का बड़ा भाई रुक्मी भगवान श्री कृष्ण से बहुत द्वेष रखता था। उसको यह बात बिलकुल सहन न हुई कि मेरी बहन को श्रीकृष्ण हर ले जाएं और राक्षस रीति से बलपूर्वक उसके साथ विवाह करें। भगवान श्रीकृष्ण ने सब राजाओं का मन जीत लिया और विदर्भ राजकुमारी रुक्मिणी जी को द्वारका में लाकर उनका विधि पूर्वक पाणिग्रहण किया। द्वारकापुरी के घर-घर बड़ा ही उत्सव मनाया जाने लगा।
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कथा में मुख्य यजमान के रूप में सुधीर गुप्ता, सौरभ गुप्ता, तरुण गुप्ता, सुनील गुप्ता, रुशील गुप्ता, समर्थ गोयल, अमित गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल, गौरव गुप्ता रहे। कथा में श्री खाटू श्याम कीर्तन मंडल में सालासार धाम से नवरतम पुजारी धर्मपत्नी के साथ, बाला जी सुंदरी के पुजारी रितेश धर्मपत्नी के साथ, न्यायाधीश चंद्रशेखर के अलावा अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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