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Karnal News: कम गोदाम, धीमा उठान, मौसम बिगड़ा तो होगा करोड़ों का नुकसान

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माई सिटी रिपोर्टरकरनाल। गेहूं की कटाई अब करीब 75 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है, अनाज मंडियों में गेहूं की आवक घटने लगी है। जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में शनिवार की अपेक्षा रविवार को करीब 67 फीसदी तक की कमी आई है। शनिवार को जिले की सभी अनाज मंडियों में जहां 57538 मीट्रिक टन की खरीद हुई थी, वहीं रविवार को ये खरीद घटकर 18956 मीट्रिक टन रह गई है। आठ उपमंडी व खरीद केंद्र ऐसे हैं, जहां खरीद हुई ही नहीं। दूसरी खरीद एजेंसियों के पास गोदामों की भारी कमी हो जाने व दूसरे जिलों में एफसीआई के गोदामों में उतार में समय लगने के कारण गेहूं का उठान प्रभावित हो रहा है। रविवार की रात को भी जिले की मंडियों में 314273 मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा है। ऐसे में यदि मौसम बिगड़ा तो करोड़ों का गेहूं खराब हो जाएगा।
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शुरुआती माह में नमी की समस्या से जूझे किसानों ने बढ़े तापमान का भरपूर फायदा उठाया है। किसानों ने 75 प्रतिशत से अधिक खेतों में गेहूं की कटाई पूरी कर ली है। अनाज मंडियों में लगातार गेहूं की आवक हो रही है लेकिन रविवार से आवक में भारी कमी आई है। शनिवार को करनाल मंडी में 9361 मीट्रिक टन खरीद हुई थी, रविवार को 3574 एमटी ही खरीद हो सकी। इसी तरह घरौंडा में शनिवार को 4366 तो रविवार को 2279, तरावड़ी में शनिवार को 7933 व रविवार को 2003 एमटी खरीद हुई। इसी तरह सभी मंडियों में खरीद में भारी गिरावट आई है। जिलेभर में रविवार को कुल 18956 मीट्रिक टन खरीद हुई, जिससे अब कुल खरीद 534600 एमटी पहुंच गई है।

एजेंसियों के पास गेहूं रखने के गोदामों की कमी
घरौंडा अनाज मंडी में खाद्य आपूर्ति विभाग के स्थानीय गोदाम भर गए। अब एफसीआई के निर्देशानुसार यहां के गेहूं पानीपत एफसीआई के गोदामों पर जाना है, लेकिन वहां एफसीआई के कर्मचारी अनावश्यक देरी करते हैं। जो ट्रक आज जाता है तो दूसरे या तीसरे दिन लौट कर आता है। जिसके कारण मंडियां खाली नहीं हो पा रही हैं। हैफेड के साथ भी यही स्थिति है, हैफेड के पास जिले में ही नेवल में गोदाम खाली हैं लेकिन यहां गेहूं रखने के लिए एफसीआई ने मना कर दिया है, इस एजेंसी को भी पानीपत में गेहूं भेजना पड़ रहा है। पानीपत एफसीआई गोदाम पर लंबी लंबी लाइनें लगी हैं।
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यूपी को गोदामों में नहीं जा रहा गेहूं
खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा करनाल जिले की मंडियों में खरीदा गया गेहूं भंडारण के लिए दिल्ली के नरेला, उत्तर प्रदेश के बामनखेड़ी व घेवरा के गोदामों में जाना था लेकिन वहां गेहूं ले के लिए दो दिन से कोई ट्रक ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कांट्रेक्टर अपने ट्रक यूपी व दिल्ली नहीं भेज रहा है। यही कारण है घरौंडा में 5722 बैग की उठे हैं, जबकि यहां 1.57 लाख बैग वहां जाने थे। सबसे खास बात ये है कि घरौंडा मंडी निचले इलाके में हैं, बारिश होने की स्थिति में यहां गेहूं भराव में खराब हो सकता है। मंडी में कुल छह लाख बैग पड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है यदि गेहूं खराब होता है तो जिम्मेदार कौन होगा, खरीद एजेंसियां या फिर एफसीआई या ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
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