फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: शिक्षक की नौकरी छोड़ शुरू की बुजुर्गों की सेवा

Mon, 19 Jan 2026 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। 13 साल पहले शुरु किया बुजुर्गों की सेवा का सफर आज एक पड़ाव पर पहुंच चुका है। पड़ाव है सुभद्रा वृद्ध आश्रम। इसमें 41 बुजुर्ग रहते हैं। संचालक हैं नीलू। नीलू ने 13 साल पहले सेवा का सफर शुरू किया था। नीलू अपने दादा-दादी के काफी करीब थीं। उनके निधन के बाद खालीपन महसूस करती थीं। पढ़ाई खत्म करने के बाद अध्यापक बन गईं। अध्यापक के रूप में आठ साल तक कार्य किया। वर्ष 2013 में एक दिन सड़क पर दो बुजुर्ग तेजपाल और सुरश्याम को देखा। तेजपाल लकवाग्रस्त थे। सुरश्याम नेत्रहीन थे। उनकी गंभीर हालत को वह देख नहीं सकीं। दो बुजुर्गों की सेवा के साथ उन्होंने अपना जीवन बुजुर्गों के नाम कर दिया। उन्होंने बताया कि दो बुजुुर्गों के बाद धीर-धीरे बुजुर्गों की संख्या बढ़ती गई। उनकी देखभाल के लिए अध्यापक की नौकरी छोड़ दी। आर्थिक समस्या आई तो कई लोग सहायता के लिए आगे आने लगे। और सेवा का सफर शुरू हो गया। नीलू ने बताया कि पिता बहादुर चंद का वर्ष 1999 में निधन हो गया था। मां लक्ष्मी देवी ने प्रेरणा दी और वर्ष 2018 में उन्होंने सुभद्रा वृद्ध आश्रम की स्थापना की। आश्रम में वर्तमान में 41 बुजुर्ग रह रहे हैं। अब तक 270 भटके बुजुर्गों को उनके परिवारों से मिलवा चुकी हैं। उन्होंने 11 बुजुर्गों का दाहसंस्कार का फर्ज भी निभाया है। नीलू अविववाहित हैं। बोलीं कि अब जीवन बुजुर्गों की सेवा को समर्पित करना है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें