माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में मंगलवार शाम हरियाणवी सावन के लोक गीतों की बयार बही। पंजाबी गायक हरिंदर सिंह के गीत ‘लट्ठे दी चादर ऊते सलेटी रंग माहिया, आओ सामणे कोलों दी रूस के न लांग माहिया...’ पर दर्शक झूम उठे। मौका था केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामले मंत्रालय के निर्देश पर नगर निगम के संयोजन में आयोजित पीएम स्वनिधि महोत्सव का। जो विशेष तौर पर रेहड़ी संचालकों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए था।
मुख्य अतिथि सांसद संजय भाटिया ने पांच स्ट्रीट वेंडर को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। 15 स्ट्रीट वेंडर को परिचय बोर्ड भी वितरित किए गए। सांसद ने सुझाव दिया कि नगर निगम द्वारा रेहड़ी-पटरी वालों की समस्याओं के समाधान के लिए इनकी यूनियन या समिति का गठन करवाया जाए, ताकि जरूरत के समय इनकी मदद की जा सके।
ऑडिटोरियम में सुबह से पथ विक्रेताओं के लिए ऋण मेला, डिजिटल प्रशिक्षण तथा स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई थी। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सांसद संजय भाटिया, मेयर रेनू बाला गुप्ता, जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा व मुख्यमंत्री प्रतिनिधि संजय बठला ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। हरियाणवी गायक महावीर गुड्डू ने अपनी पारंपरिक पहनावे में अपने साथियों के साथ बम लहरी और 1858 की ‘छह जनवरी भूलो न’ गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक छटा बिखेरी तो सोनिया व नेहा ने ‘मत छेड़ बलम मेरे चुंदड़ न’ गीत पर सभी को झूमने पर विवश कर दिया।
सांसद संजय भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों को स्वाभिमान से जीने का हक देने के लिए स्वनिधि योजना लागू की।
महापौर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए गरीब लोगों के कल्याण के लिए ऐसी बहुत सी योजनाएं बनाई हैं, इनमें स्वनिधि योजना भी एक महत्वाकांक्षी योजना है।
मौके पर जिला महामंत्री राजबीर शर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी, राजेंद्र सिरसी, नगरीय परियोजना अधिकारी प्रवीन चुग, एपीओ तुषार खन्ना, मंजू खांची व ईलम सिंह उपस्थित रहे। बतौर कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर वैभव खानोलकर मौजूद रहे। संचालन कुरुक्षेत्र कला परिषद के सांस्कृतिक अधिकारी विकास शर्मा ने किया।