डीआरएम दफ्तर ले जाकर आरोपियों ने युवक के दस्तावेजों पर करवाए हस्ताक्षर
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर युवक को पहनाई वर्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। युवक को रेलवे पुलिस में लगाने का झांसा देकर साढ़े तेरह लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उसे दिल्ली, रांची, धनबाद, वाराणसी डीआरएम ऑफिस में ले जाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा दिए और परिजनों के मोबाइल पर पीडीएफ में फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। दिल्ली में युवक को आरपीएफ की वर्दी पहनाकर फोटो भी शेयर की। आरोपियों ने रकम लेने के बाद वर्दी वापस ले ली। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पीड़ित ने केस दर्ज कराया है।
सदर थानाक्षेत्र के गांव उचाना निवासी मुनीम ने बताया कि वह अनाज मंडी में मुनीम है। उसका बेटा अभिनेश ताऊ की बेटी की शादी में पानीपत में गया था। ताऊ की बेटी सलेलता ने नवंबर 2021 में घर आकर कहा कि उसका दामाद दिनेश युवकों को रेलवे पुलिस में लगवाता है। वह खुद दिल्ली पुलिस में नौकरी करता है। वह अभिनेश को भी पुलिस में लगवा देगा। पीड़ित ने ताऊ की बेटी की बातों पर विश्वास कर लिया। जिसके बाद पीड़ित की आरोपी दिनेश से बात हुई। उसके बाद आरोपी दिनेश ने अपने पिता रामनिवास से बात कराई और कहा कि 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिसके बाद दिनेश और सोनिया का फोन आया और पीड़ित से कहा कि नौकरी की बात पक्की हो गई है।
आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग करीब साढे़ छह लाख की रकम ले ली। बाद में अभिनेश को 24 मार्च 2022 को दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाया। वहां पर आरोपी ने जितेंद्र नाम के अन्य व्यक्ति से मुलाकात कराई। जिसके बाद जितेंद्र पीड़ित के बेटे को रांची एयरपोर्ट पर ही छोड़ गया। जिसके बाद रांची से बस द्वारा बोकारो भेजा गया। यहां पर आरोपियों ने होटल में ठहरने के लिए कहा। करीब नौ दिन तक वहां रहने के बाद बोकारो में डीआरएम रेलवे ऑफिस से कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए। दो दिन बाद प्रशिक्षण शुरू करने को कहा गया। फिर आरोपियों ने वापस दिल्ली बुलाया। जहां से पीड़ित के बेटे को धनबाद डीआरएम ऑफिस भेजा गया। वहां पर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और बाद में युवक को वाराणसी भेजा गया। जहां पर स्टेडियम में एक दिन दौड़ लगवाई। उसके बाद दिल्ली बुला लिया फिर वर्दी वापस ले ली।