संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के वार्ड 18 की भाट बस्ती में सुविधाओं का टोटा है। यहां की स्थिति का जायजा पानी से लबालब भरी सड़कों से लगाया जा सकता है। जलनिकासी व सफाई न होने के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।
लोगों का कहना है कि यह समस्या सात वर्ष पुरानी है। यहां के बाशिंदे शुक्रवार को इकट्ठा होकर प्रेमनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अपनी समस्या लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए सीएम के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के सामने बैठकर घेराव की कोशिश की लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से उठा दिया।
लोगों का कहना है कि यह समस्या अब यहां के बाशिंदों के लिए मुसीबत बन गई है। बेहतर नागरिक सुविधाओं के दावों के विपरीत स्मार्ट सिटी करनाल के विभिन्न क्षेत्रों में लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं। शहर की भाट बस्ती की गलियों में 25 दिनों से पानी रुका हुआ है, इस कारण से यहां मच्छर पनपने से बीमारी फैलने का अंदेशा बना रहता है।
कॉलोनी वासी जयपाल, चन्नी, योगेंद्र, साहिल व रामकुमार का कहना है कि करनाल को स्मार्ट सिटी दिखाकर हर बार सुर्खियां बटोरी जाती है लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। पिछले कई दिनों से यहां पर पानी रुका हुआ है। इस कारण से लोगों का यहां से निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई दिनों से पानी रुका होने के कारण यहां पर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सीवरेज जाम होने की वजह से गलियों में पानी रुकता है।
गंदगी से लबालब भरे सीवरेज
लोगों ने बताया कि शिव कालोनी की सीवरेज गंदगी से लबालब भरे होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कॉलोनी की गलियां पानी से भर जाएगी। बरसात में तो यहां की स्थिति बिल्कुल खराब हो जाएगी।