कुटा ने कैशलेस सुविधा और सेवानिवृत्त शिक्षकों की आयु 65 वर्ष करने की उठाई मांग
मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी को ज्ञापन सौंपा। मांग पत्र में उल्लेख किया कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी शामिल किया जाए और अंशदायी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
कुटा प्रधान प्रो. दलीप कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सेवा नियम भी प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के समान हैं, हालांकि वे हाल ही में सरकार द्वारा शुरू किए गए सीसीएचएफ के अंतर्गत नहीं आते हैं। प्रदेश सरकार से मांग है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी सीसीएचएफ में शामिल किया जाए ताकि उन्हें भी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इसी के साथ सेवानिवृत शिक्षकों की आयु 65 वर्ष और कुवि को केंद्रीय विवि बनाने की मांग भी संघ ने उठाई है। विश्वविद्यालयों में शिक्षण संकाय के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है। सरकार की ओर से कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कुछ शर्तों के साथ 65 वर्ष तक की पुन: नियुक्ति की अनुमति दी गई है। यूजीसी ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की है जो कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू है। ज्यादातर राज्यों ने पहले ही राज्य सरकार के विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है।