करनाल। प्रदेश स्तरीय खेल महाकुंभ में पहली बार शामिल किए गए क्रिकेट खेल में कर्णनगरी की टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। प्रतियोगिता का आयोजन चार से छह दिसंबर तक रोहतक में किया गया था। टी-20 मैच में सभी 22 जिलों के अलावा राई स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स की टीम ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जिले की ओर से लड़कों और लड़कियों की टीम ने प्रतिनिधित्व किया। जिसमें लड़कों की टीम ने अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले की झोली में स्वर्ण पदक डाला है। ये जानकारी क्रिकेट के प्रशिक्षक दिनेश खोखर ने दी।
उन्होंने बताया कि फाइनल में करनाल की टीम का मैच जींद की टीम से हुआ। करनाल की टीम ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। इसके बाद अमृत प्रीत सिंह ने बेहतर बल्लेबाजी करते हुए 53 गेंदों पर 73 रनों की शानदार पारी खेली और करनाल की टीम ने जींद की टीम को जीत के लिए 195 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में जींद की टीम 20 ओवर में 142 रन पर ढेर हो गई। करनाल की ओर से मोहित व अक्ष्य ने घातक गेंदबाजी करते हुए तीन तीन विकेट झटके, जबकि परमजीत ने ऑल राउंडर प्रदर्शन करते हुए 32 रनों के साथ दो विकेट भी अपने नाम किए। हर्षित व राहुल ने एक एक विकेट लेकर जींद की टीम को क्लीन स्वीप कर दिया। प्रतियोगिता में मैन ऑफ द मैच अमृतप्रीत व मैन ऑफ द सीरिज परमजीत को चुना गया। उन्होंने इस महाकुंभ में 110 रनों के साथ साथ सात विकेट भी अपने नाम किए। जिले की क्रिकेट टीम की इस उपलब्धि पर जिला आयुक्त अनीश कुमार यादव व जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी सुधा भसीन ने बधाई दी।
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पहले मैच मिली बाई, लगार जीत की दर्ज
क्रिकेट कोच दिनेश खोखर ने बताया कि रोहतक में आयोजित खेल महाकुंभ में करनाल की टीम को अपने पहले मैच में रेवाड़ी से बाई मिल गई। उसके बाद उन्होंने दूसरा मैच झज्जर के साथ खेला जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। सेमीफाइनल में कुरुक्षेत्र की टीम को हरा का फाइनल में जींद की टीम को मात देकर खेल महाकुंभ ट्राॅफी पर कब्जा किया।
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आठ से 12 वर्ष तक के 110 खिलाड़ी करते हैं अभ्यास
सेक्टर-9 में जिले के खिलाड़ियों को तराशने का काम क्रिकेट प्रशिक्षक कर रहे है। मौजूदा समय में उनके पास चार वर्ष से 14 वर्ष तक 110 लड़के और लड़कियां खेल की बारीकियां सीख रहे हैं। खिलाड़ी सुबह दो घंटे और शाम को तीन घंटे तक कड़ा अभ्यास करते हैं।
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छह साल पहले तैयार किया था मैदान
विदित हो कि कर्ण स्टेडियम में करीब छह साल पहले क्रिकेट का मैदान होता था। लेकिन उसके बाद वहां पर सात करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक बनवाया गया। जिस कारण स्टेडियम से क्रिकेट का मैदान बाहर हो गया। प्रशिक्षक ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सेक्टर-9 में करीब 5.04 एकड़ में जिले के खिलाड़ियों के लिए फिर से मैदान तैयार करवाया। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए इस मैदान पर पांच अभ्यास पिच तैयार की गई है। जिसमें तीन टर्फ पिच जिन्हें काली मिट्टी से तैयार किया गया है। जबकि दो सीमेंट पिच तैयार की गई है। इसके अलावा तीन मैच पिच भी तैयार की गई हैं।
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डीसी ने की सरहाना
डीसी अनीश कुमार यादव ने कहा कि अपने पहले की खेल महाकुंभ में जिले को स्वर्ण पदक दिलाने में प्रशिक्षक दिनेश खोखर ने अहम भूमिका निभाई है। उनकी अथक मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने एक बेहतर मैदान तैयार कर जिले की बेहतर टीम का स्वरूप तैयार किया है।
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जिले ने रचा स्वर्णमयी इतिहास
जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी सुधा भसीन ने कहा कि जिले की क्रिकेट टीम ने राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ में ट्रॉफी जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। क्रिकेट को पहली बार ही खेल महाकुंभ में शामिल किया गया है। जिले के खिलाड़ी हर प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।