शहर में 50 रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा देने के बाद अब जिला प्रशासन 25
महिलाओं को भी ई-रिक्शा देगा। ऐसे में अब जल्द ही शहर की सड़कों पर महिला
चालक भी ई-रिक्शा चलाते हुए दिखाई देंगी। डीसी ने अनैतिक ट्रैफिक रोकने के
लिए जिला स्तरीय सलाहकार कमेटी की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि
जो महिलाएं अनैतिक कार्य में लगी हैं, उनसे भी संपर्क करके ई-रिक्शा देने
संबंधी विषय पर विचार किया जाएगा। इसके लिए संबंधित इच्छुक महिलाओं के
जागरूकता शिविर भी लगवाए जाएंगे। संबंधित महिलाओं के लिए टेलरिंग, कटिंग,
ब्यूटी पार्लर, छोटी दुकानें, कढ़ाई-बुनाई इत्यादि रोजगार स्थापित कराए जा
सकते हैं। बैठक में उपायुक्त ने पीओआईसीडीएस रजनी पसरीचा को निर्देश दिए कि
ऐसी महिलाओं के उत्थान के लिए विभाग के पास यदि कोई स्कीम है तो बजट
मंगवाया जाए। एक ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे महिलाओं को उत्थान हो सके।
पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने कहा कि अनैतिक कार्यों से मजबूरन जुड़ी महिलाओं
को जागरूक करके उनके लिए रोजगार धंधे स्थापित कराना अति आवश्यक है। इस अवसर
पर डीएसपी सुरेंद्र कौर, प्रोट्ेक्शन अधिकारी रीना कादियान, एडवोकेट संतोष
यादव, जिला न्यायवादी अशोक बागड़ी भी उपस्थित रहे।