फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुंदरता और सुविधाओं से पर्यटकों को आकर्षित करेगी कर्ण झील

विज्ञापन
कर्ण लेक पर लगे दानवीर कर्ण की प्रतिमा का निरीक्षण करते डीसी अनीश यादव। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। स्मार्ट सिटी लिमिटेड करनाल की ओर से 3.23 करोड़ रुपये की लागत शुरू किया गया कर्ण लेक पुनरविकास परियोजना का पहला चरण पूरा हो गया है। सोमवार को केएससीएल के सीईओ एवं उपायुक्त अनीश यादव ने कर्ण लेक पहुंचकर परियोजना के कार्यों का निरीक्षण किया तथा इसके दूसरे चरण का कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए इसे अधिक आकर्षक व सुविधाजनक बनाया जा रहा है। साइट पर मौजूदा बार एंड रेस्टॉरेंट का कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने प्रोजेक्ट की ड्राइंग देखकर कुछ फेरबदल भी किए। छत के ऊपरी हिस्से को विकसित करने के कार्य में पुराने स्टोर को तोड़कर छत में मिलाने, शौचालय भी ऊपर की तरफ बनाने, पार्टी हाल को भी बड़ा करने को कहा। इन सुविधाओं से रेस्टॉरेंट की छत पर गर्मी व सर्दी, दोनों ऋतुओं में पर्यटक बैठकर कर्ण लेक की सुंदरता को निहार सकेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी की ओर से यहां एक नई बिल्डिंग बनाई गई है, जिसमें 7-8 आउटलेट का प्रावधान किया गया है। इसके निर्माण से यह एरिया अब बड़ा हो गया है। इसे देखकर उपायुक्त ने कहा कि बिल्डिंग सुंदर है, इसे बार एंड रेस्टॉरेंट के साथ सलीके से जोड़ दें, यानी इसकी बाहर और अंदर से लुक अच्छी होनी चाहिए। कर्ण लेक के चारों ओर करीब एक किलोमीटर से अधिक के जिग-जैग शेप में बनाए फुटपाथ का निरीक्षण किया। वहीं सिटिंग का प्रावधान और प्लांटेशन के कार्य भी किए गए हैं। यह एरिया कर्ण लेक पर जाने वाले मार्ग से सटा है, यानी टूरिस्ट या विजिटर हाईवे से मुड़ते ही इसे देख सकेंगे। फेज-1 के इस प्रोजेक्ट में लेक में एक टापूनुमा जगह पर बुक कैफे बनाया गया है। इसकी बिल्डिंग बनकर तैयार है, सफाई के काम बाकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इसकी ठीक से सफाई करवा अच्छी लुक दी जाए। प्रवेश पर भारत की गाथा नामक मूर्तिकला की सैर के तहत महाभारत के पराक्रमी योद्धा राजा कर्ण की फाइबर निर्मित आदमकद प्रतिमा लगाई गई है और उससे आगे बुक कैफे तक भारत के वीर योद्धाओं के 14 स्कल्पचर स्थापित किए गए हैं, जिनमें छत्रपति शिवाजी महाराज और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की फाइबर निर्मित प्रतिमाएं भी हैं। इसके दूसरे मुहाने पर इसी तरह के अन्य योद्धाओं और महापुरुषों के 17 अन्य स्कल्पर स्थापित किए गए हैं। टूरिस्ट यहां का भ्रमण कर इन मूर्तियों को देख सकेंगे। इसी प्रोजेक्ट में चारों ओर मजबूत स्टील रेलिंग भी लगाई गई है। निरीक्षण के दौरान कर्ण झील के मैनेजर बिजेंद्र शर्मा, केएससीएल की आर्किटेक्ट हाउसिंग प्लानर मीना चौहान और इंजीनियर सतीश कंसल भी मौजूद रहे। साइट पर दोनों प्रोजेक्ट में निर्माण करने वाले एजेंसी को भी बुलाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें