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Karnal News: चुनावी मुद्दा बनकर रह गई कैथल-पटियाला रेल लाइन

Wed, 08 May 2024 03:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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कमल बहल
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कैथल। लोकसभा चुनाव को लेकर जहां लगातार राजनीतिक पार्टियां अपनी जीत के लिए जोर अजमाइश कर रहे हैं। वहीं, अब इस चुनाव में केंद्र से जुड़े मुद्दों पर भी बात होने लगी है। इसमें कैथल जिले को पंजाब के पटियाला से रेल मार्ग से जोड़ने के लिए कैथल-पटियाला नई रेल लाइन निर्माण का भी मुद्दा शामिल है।
जिले के लोगों के लिए यह नई रेलवे लाइन पिछले कई सालों से केवल चुनावी मुद्दा बनकर रह गई है। इस मांग को जिले के लोग पिछले करीब पांच दशक से उठा रहे हैं। इस मांग के उठने के बाद इसके निर्माण को लेकर वर्ष 2014 में रेलवे बोर्ड की ओर से सर्वे भी शुरू करवाया गया था। यह सर्वे पांच साल तक जारी रहने के बाद वर्ष 2019 में पूरा भी हो चुका है। परंतु सर्वे से आगे कोई बात नहीं बढ़ पाई है।
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हालांकि इस मुद्दे को कई सांसदों ने संसद में भी उठाया था। हाल ही में कुरुक्षेत्र के सांसद और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस रेल लाइन के निर्माण की मांग की थी। इसमें उन्होंने इस रेल मार्ग को कुरुक्षेत्र से पिहोवा रोड से पटियाला तक बनाने की मांग उठाई थी। इसमें उन्होंने कहा कि था कि पिहोवा एक धार्मिक महत्व रखने वाला स्थल है और यहां पर कुरुक्षेत्र की तरह ही अनेक पर्यटक पहुंचते हैं। इसलिए यहां से पटियाला को रेल मार्ग से जोड़ा जा सकता है। संवादइसका निर्माण होने से तीन जिलों को मिलेगा फायदा

कैथल-पटियाला नई रेल लाइन का निर्माण होने से न केवल कैथल जिले को फायदा होगा, बल्कि इससे कुरुक्षेत्र और पंजाब के पटियाला जिले के लोगों को भी फायदा मिल पाएगा। यह पंजाब को रेल मार्ग से जोड़ने वाला एक नया रास्ता बनेगा। क्योंकि व्यापार की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। इसलिए उनकी नए सांसद से यही मांग है कि इस मुद्दे पर विचार करते हुए मांग को जल्द पूरा करवाया जाए। - बलवंत जाटान, सदस्य, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।
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महज 55 किलोमीटर तक की रेल लाइन का होना है निर्माण

कैथल-पटियाला नई रेल लाइन के निर्माण के तहत महज 55 किलोमीटर तक की नई रेल लाइन का निर्माण होना है। यदि केंद्र सरकार इस रेलवे लाइन का निर्माण करती है तो कैथल का रेलवे स्टेशन जंक्शन बन पाएगा। ऐसे में अधिक ट्रेनों का ठहराव यहां हो पाएगा। इसलिए उनकी तो यही उम्मीद रहेगी कि केंद्र में नई सरकार बनने के बाद इस मांग को जल्द ही पूरा करवाया जाए। इससे रेल यात्रियों को काफी राहत मिल पाएगी। - जिले सिंह कठवाड़, रेल यात्री, कैथल।
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