माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ई-अधिगम यानी इंटरनेट आधारित सीखने की प्रक्रिया के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर सप्ताह कम से कम तीन घंटे लगाने होंगे। टैबलेट पर ग्रहण की जा रही शिक्षा के साथ ही उसके समय का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनका आकलन भी किया जा सके।
विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करने के लिए चार बिंदु निर्धारित किए गए हैं। पाठ्यक्रम पूरा होने पर डायग्नोस्टिक टेस्ट एवं रेमेडियल टेस्ट में उनका प्रदर्शन प्रमुख रहेगा। साथ ही कक्षा में सौंपे गए गृहकार्य एवं सभी टेस्ट पूरे करने के बाद संपूर्ण अध्याय पर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें परखा जाएगा।
इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ ही उनका आकलन करने की प्रक्रिया के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। ई-अधिगम का मकसद स्मार्ट लर्निंग के तहत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रतिदिन कक्षाओं में दी जा रही शिक्षा के साथ ही ई-लर्निंग से जोड़ना है। इसमें तभी सफलता मिलेगी जब शिक्षक एवं विद्यार्थी कक्षाओं में इसका प्रयोग करेंगे।
शिक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी
- स्पष्टीकरण वीडियो : मासिक पाठ्यक्रम के तहत सभी विषयों के अध्यायों पर वीडियो के लिए सामग्री उपलब्ध करानी होगी। पीएलए एप (जिस पर विद्यार्थी पढ़ेंगे) पर उपलब्ध अध्यायों के स्तर की जांच करेंगे, जिससे पता चल सकेगा कि यह सभी विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है या नहीं।
- डायग्नोस्टिक टेस्ट : शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कक्षा में शिक्षण कार्य पूरा होने के बाद एप पर डायग्नोस्टिक टेस्ट अवश्य दें, जो उनकी प्रगति का आधार है।
- रेमेडियल टेस्ट : डायग्नोस्टिक टेस्ट की जांच के लिए विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन के आधार पर कम से कम दो व्यक्तिगत रेमेडियल टेस्ट देने होंगे, जिससे वह विषय में अपनी पकड़ सुधार सकें। एप पर लिए प्रत्येक अध्याय पर कम से 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने तक रेमेडियल टेस्ट देने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षक प्रेरित करेंगे।
- गृहकार्य : प्रत्येक विद्यार्थी को सप्ताह में दो होम असाइनमेंट पूरे करने होंगे, यह अनिवार्य है।
- शंका एवं समाधान : पीएलए एप पर प्रश्नों का उत्तर एक दिन अंदर दिया जाना है, जिसकी जानकारी शिक्षक विद्यार्थियों को देंगे। अगर एप में किसी प्रश्न का पूर्ण समाधान नहीं होगा तो शिक्षक विद्यार्थियों के साथ कक्षा में चर्चा करेंगे।
ई-अधिगम को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों के संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों के अनुसार शिक्षक विद्यार्थियों को टैबलेट के माध्यम से पढ़ाएंगे।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी