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इंस्पायर अवार्ड : टॉप-4 में जिला पर लक्ष्य से अभी पीछे

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- 15 सितंबर तक भेजने होंगे आइडिया, अभी तक 586 ने लिया है हिस्सा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। युवा सोच को नई उड़ान देने के मकसद से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इंस्पायर अवार्ड की शुरुआत की है। लेकिन जिले के युवाओं की इसमें रुचि कम दिखाई दे रही है। हालांकि प्रदेश भर में हुए आवेदनों की स्थिति के हिसाब से करनाल ग्रीन जोन में है और प्रदेश में चौथे पायदान पर है। लेकिन जिले को मिले लक्ष्य को पूरा करने में अभी काफी मेहनत की जरूरत है।

योजना के तहत देशभर के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छठी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के मौलिक विचारों और नव प्रवर्तनों के नए यूनिक आइडिया ऑनलाइन मांगे गए हैं। इस प्रतिस्पर्धा में 10 से 15 वर्ष तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। योजना में करनाल जिले में मात्र 586 आवेदन आए हैं, जबकि लक्ष्य 1250 आवेदन का है।
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विभाग ने जिले के हर खंड को 250 आवेदन करने का लक्ष्य दिया है। कई निजी विद्यालय योजना में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे। जिले के राजकीय और निजी स्कूलों को इस योजना में 15 सितंबर तक आवेदन करने हैं। इस योजना के तहत निजी और राजकीय स्कूलों से इंस्पायर अवॉर्ड मानक स्कीम के तहत बेस्ट आइडिया को चुना जाएगा।


प्रदेश में यह है स्थिति

आंकड़ों के अनुसार अगस्त तक प्रदेश में 1997 स्कूलों में से 8053 आवेदन ही आए हैं। सभी जिलों में प्रति खंड के हिसाब से 250 आवेदन का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में 29750 आवेदन होने चाहिए थे। हर स्कूल से पांच आइडिया चयनित किए जाएंगे। श्रेष्ठ 60 आइडिया का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन होगा। जिन्हें राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के अंतर्गत नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की ओर से चलाई गई है। विद्यार्थियों को अपने आसपास घट रही समस्याओं के निदान पर आइडिया देना है।

2013-14 में शुरू हुई थी योजना
यह योजना 2013-14 में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत प्रदेशभर के स्कूलों से बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर भाग तो लिया लेकिन आठ साल से देश में टॉप-60 में जगह नहीं बना पाए। योजना के तहत स्कूल से पांच बेस्ट आइडिया चयन कर जिला स्तर पर भेजे जाएंगे। जिला स्तर पर आइडिया चयनित होने पर उस आइडिया को मॉडल का रूप देने के लिए विद्यार्थी को खंड स्तर पर 10 हजार रुपये मिलेंगे। इसके बाद जिला स्तर से आइडिया अगर राज्य स्तर पर चयनित होता है तो विद्यार्थी को 50 हजार रुपये मॉडल के लिए मिलेंगे।


ये हैं नियम

- इंस्पायर अवार्ड के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पांच और मिडिल स्कूल से केवल तीन बच्चे ही भाग ले सकते हैं।

- एक स्कूल से अलग-अलग कक्षाओं या फिर एक ही कक्षा के भी ये सभी बच्चे अवार्ड प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।

- प्रदेश स्तर पर चयनित बच्चे को 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वह नए मॉडल बनाने आदि के लिए कर सकेगा।


ग्रीन जोन में शामिल जिले-

जिला नामांकन

महेंद्रगढ़ 645

कुरुक्षेत्र 622

सिरसा 589

करनाल 586

हिसार 514


इंस्पायर योजना में लगातार जिले से आवेदन बढ़ रहे हैं। इस बार सभी स्कूलों का योजना में भाग लेना अनिवार्य है। जिला स्तर के बाद राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आइडिया चयनित किया जाएगा। 15 सितंबर तक आवेदनों की संख्या को और बढ़ाएगा जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में विद्यार्थी इसमें प्रतिभागिता कर सकें।
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- दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।



इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। यह अवार्ड विद्यार्थियों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवाचारी प्रोत्साहन के लिए दिया जाता है। इसमें पुरस्कार तो मिलता ही है, साथ ही राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों के मॉडल को आईआईटी व एनटीए संस्थानों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में दिखाया जाता है। योजना के माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्र स्तरीय मंच मिलता है।

- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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