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ब्राजील की तकनीक अपनाकर आमदनी बढ़ाएं हरियाणा के पशुपालक : जेपी दलाल

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करनाल। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री जेपी दलाल ने वीरवार देर शाम खेड़ीनरू गांव में किसान नरेंद्र नरवाल की डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपने ब्राजील दौरे का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि ब्राजील के किसानों ने खेती के लिए अच्छी तकनीक अपनाई है। वहीं पशुपालकों ने दूध को अपनी आमदनी का जरिया बनाया ही है। वह 60 से 70 साल लीटर दूध देने वाली अच्छी नस्लों के गाय व भैंस से पैदा हुए कटडे़ व बछडे़ को झोटे व सांड के रूप में तैयार करते हैं। उनका सीमन भी बेचते हैं। जिससे अधिक मात्रा में दूध देने वाली कटडी व बछडियां पैदा होती है। हरियाणा के पशुपालकों को भी ब्राजील तकनीक को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ानी चाहिए। सरकार इस तकनीक को प्रोत्साहित करेगी।
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कृषि मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए हरियाणा में ब्राजील तकनीक को अपनाया जाएगा ताकि यहां की पशु पालकों की आय में वृद्धि हो और गांव स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सकें। हरियाणा सरकार भी ब्राजील तकनीक को अपनाने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करेगी। करोड़ों रुपये की परियोजना की शुरूआत करने लिए अनुदान राशि पर सहयोग दिया जाएगा। खेडीनरू गांव में नरेंद्र नरवाल की डेयरी का निरीकरण करने के बाद उन्होंने यहां ग्रामीणों को भी संबोधित किया। उन्होंने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ब्राजील पद्धति को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में किसानों को परंपरागत खेती को छोड़कर कम लागत वाली फसलों को अपनाना होगा। इसके अलावा खेती के साथ-साथ पशु पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाना होगा। इसमें युवाओं को आगे आना चाहिए। सरकार उनकी मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि मछली पालन भी आमदनी का एक अच्छा साधन है। भिवानी जिले में एक हजार युवाओं को जोड़ा गया है, वे अच्छी आमदनी ले रहे हैं। उनका लक्ष्य 10 हजार युवाओं को मछली पालन व्यवसाय से जोड़ना है। बेमौसमी बारिश की वजह से किसानों की फसलों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई सरकार करेगी और एमएसपी के आधार पर ही किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इस मौके पर असंध के पूर्व विधायक सरदार बख्शीश सिंह विर्क, लाला लाजपत राय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनोद वर्मा, पशु विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र जिंदल, उपनिदेशक (कृषि) डॉ. आदित्य प्रताप डबास, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. नरेंद्र, सरपंच विकास, जिला परिषद के पूर्व सदस्य बलवान सिंह, सुरेंद्र नरवाल, देवेंद्र नरवाल आदि मौजूद रहे।
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