माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भले ही नगर निगम ने अवैध होर्डिग्स, बैनर, बोर्ड आदि हटाने के लिए टीम गठित कर रखी हो लेकिन इस दिशा में कार्रवाई नहीं हो रही है। क्योंकि कार्रवाई अफसरों के दिशा निर्देश पर होती है, जो आवास से अपने कार्यालय तक आते जाते हैं, शायद उन्हें हर बिजली व स्ट्रीट लाइट के खंभे या चौराहों पर लगे होर्डिग्स व बोर्ड दिखाई ही नहीं देते। आलम तो ये है कि कई ऐसे खतरनाक स्थलों पर ये होर्डिग्स लगा दिए गए हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं होने का अंदेशा रहता है।
शहर के अंदर तो जो भी स्ट्रीट लाइटों व बिजली के पोल लगे हैं, अधिकतर पर कोई न कोई बोर्ड, फ्लैक्स या स्टीकर चिपका ही दिया गया है। आलम तो ये है कि जहां जिले के आला अफसरों के कार्यालय है, यानी लघु सचिवालय व नगर निगम के कार्यालय के आसपास भी कई होर्डिग्स लगाए गए हैं, जिन पर भी अफसरों की नजरें नहीं पड़ती हैं।
नगर निगम के अफसर तो कहते हैं कि अभियान लगातार चलता है, अनाधिकृत बोर्ड हटा दिए गए हैं। जबकि शहर के अंदर बाजार पटे पड़े हैं, साथ ही शहर के बाहरी इलाके जैसे मेरठ रोड, कुंजपुरा रोड, कुंजपुरा रोड से मेरठ रोड का बाईपास यहां तक की कि हाईवे के पुलों पर भी होर्डिंग्स व फ्लैक्स और स्टीकर लगा दिए गए हैं।
यहां चौक बने हैं, दिनभर हजारों की संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं, जिनकी नजर आकर्षक बोर्ड या फ्लैक्स पर पड़ती है तो की स्थिति है, इस बीच दुर्घटना होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। हादसे हो भी जाते हैं लेकिन इन अनधिकृत फ्लैक्स, होर्डिंग्स को हटाने पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। क्योंंकि ये होर्डिग्स कई बड़ी कंपनियों, ब़डे उद्यमियों, व्यापारियों से संबंधित होते हैं।
लघु सचिवालय के बाहर हादसों का खतरा
लघु सचिवालय के बाहर लगे अवैध होर्डिंग्स के कारण लोगों का ध्यान भटकता है। इस मार्ग पर रेडलाइट भी है लेकिन इसके बावजूद यहां हादसा होने का खतरा बना ही रहता है। चौक से मुड़ते समय अधिक हादसे की आशंका रहती है।
हाईवे-44 पर लगे अवैध होर्डिंग्स
हाईवे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, इसके एक कारण हाईवे पर लगे अवैध होर्डिंग्स भी हैं क्योंकि वाहन चालक अपना वाहन चलाता है तो होर्डिंग्स के आगे आ जाने से उसका ध्यान भटक जाता है।
सेक्टर नौ मोड़ पर लगे अवैध होर्डिंग्स
सेक्टर नौ के मोड़ पर आप घूमते समय वाहन चालकों का ध्यान यहां लगे होर्डिंग्स पर चला ही जाता है। सेक्टर आठ से नौ में जाने के लिए बने मोड़ पर कई होर्डिंग्स, पोस्टर हैं। जिससे वाहन चालक का ध्यान भटकने का खतरा रहता है।
अवैध होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, बोर्ड आदि लगाना गैरकानूनी है। निगम से अनुमति लेकर भी निर्धारित स्थल पर ही होर्डिंग्स आदि लगाया जा सकता है लेकिन इसके ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था बनी हई है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई तो नहीं की गई लेकिन कई होर्डिंग्स आदि उतार कर संबंधित को नोटिस जारी किए गए है। अब सख्ती के साथ कार्रवाई शुरू की जाएगी। - अदिति शर्मा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम करनाल।