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Karnal News: करनाल की छाप्पर मुस्तरका पैक्स में भी हुईं थी अवैध नियुक्तियां

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- करनाल सहकारी समिति के सहायक रजिस्ट्रार ने किया था पर्दाफाश
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- पैक्स के नियमों को ताक पर रख कर की गई थी नियुक्तियां

- 30 सितंबर 2022 में औचक निरीक्षण में आया था मामला सामने

- एआर ने 11 अक्तूबर 2022 को दोनों कर्मियों की भर्तियों को कर दिया था अवैध घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले की द छाप्पर मुस्तरका पैक्स में भी अवैध नियुक्तियां हुईं थी जिसमें भी डीआर रोहित गुप्ता का नाम सामने आ रहा है। जहां पर सहकारी समितियों के नियम को ताक पर रखकर अपने चहेतों को नियुक्तियां दी गई। एआर द्वारा किए गए निरीक्षण में यह बात सामने आने के बाद दोनों कर्मचारियों की नियुक्तियों को अवैध घोषित कर रिपोर्ट करनाल व पंचकूला अधिकारियों को भेज दी थी।
आरटीआई कार्यकर्ता लव कुमार ने बताया कि 30 सितंबर 2022 को दी छाप्पर मुस्तरका सहकारी समिति लिमिटेड में सहकारी समिति करनाल के सहायक रजिस्ट्रार जितेंद्र कौशिक ने औचक निरीक्षण किया था जिसमें पाया गया था कि पैक्स प्रबंधक की ओर से 18 सितंबर 2021 के तहत क्लर्क गौरव सैनी व सेवादार राजेश को नियमों के विरुद्ध नियुक्त किया गया है। जो हरियाणा सहकारी नियम 1989 के नियम 110 डी की अवहेलना करके किया है।
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रिपोर्ट व रिकाॅर्ड देखने में पाया गया कि कार्यालय के स्तर पर कोई अनुमति नहीं दी गई। बैंक की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि सहकारी समितियां नियम 1989 के नियम 110 डी के प्रावधानों के विरुद्ध व 23 नवंबर 1985 को रजिस्ट्रार द्वारा भेजे गए पत्र के विरुद्ध बैठक बुलाई गई है व सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम 2014 द्वितीय संशोधन 2017 के नियम की भी उल्लंघना की गई। जिसके बाद एआर जितेंद्र कौशिक ने उक्त दोनों क्लर्क व सेवादार की नियुक्तियों को 11 अक्तूबर 2022 को अवैध घोषित कर दिया था, लेकिन निसिंग पैक्स मामले में उनका तबादला होने के बाद उक्त दोनों कर्मचारियों को डीआर के माध्यम से बहाल कर दिया गया था। जिसकी भी विभाग की ओर से करनाल सहकारी समिति के डीआर के गिरफ्तार होने के बाद जांच शुरू हो चुकी है।
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