करनाल। सरकार की ओर से ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन ऐतिहासिक धार्मिक एवं किसी भी अन्य प्रकार की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों, अभिलेखों को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपि विरासत का संरक्षण और दस्तावेजीकरण करना है। अगर किसी के पास कोई 75 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि या अभिलेख हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के पास पांडुलिपि या अभिलेख हैं वे उन्हीं के पास सुरक्षित रहेंगे। सरकार केवल उनका रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें संरक्षित रखने में सहयोग करेगी। संवाद