हरियाणा के करनाल में राजपूत समाज के सौ पदाधिकरियों ने सोमवार की शाम सेक्टर-8 स्थित राजपूत धर्मशाला में बैठक के बाद भाजपा एवं आएसएस के विभिन्न पदों से इस्तीफा दे दिया। इनमें संघ से इस्तीफ देने वालों की संख्या 38 हैं। जिनमें जिला संघ संचालकों के साथ ही खंड संघ संचालक भी हैं। कैथल में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के साथ गुर्जर शब्द लिखे जाने पर शुरू हुआ विवाद पूरे प्रदेश में विरोध का रूप ले चुका है।
सेक्टर-8 राजपूत धर्मशाला में राजपूत करणीसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना के साथ ही भाजपा युवा मोर्चा और भाजपा के जिला, खंड एवं मंडल स्तर और विभिन्न मोर्चा में शामिल राजपूत समाज के पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें राजपूत समाज के युवाओं के साथ ही कैथल में पुलिस की ओर से की गई बरबरता पर रोष जताया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के युवाओं को मूंछ से पकड़कर खींचा गया। जबकि उनका कोई कसूर नहीं था। वे अपनी विरोध दर्ज करा रहे थे। इस मौके पर आरोप लगाया कि कैथल में गुर्जर समाज के भाजपा नेताओं की ओर से राजपूत युवाओं के साथ अभ्रदता की गई। उन्होंने मांग की कि दोषी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को हटाया जाए और कार्रवाई की जाए।
उधर, निसिंग से किसान मोर्चा के जिला सचिव किसान मोर्चा राजकुमार राणा गोंदर, मंडल उपाध्यक्ष शमशेर सिंह राणा गोंदर, मीडिया प्रभारी निसिंग नरेंद्र राणा, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मुकेश राणा,युवा मोर्चा उपाध्यक्ष राहुल राणा सहित अन्य ने भाजपा पार्टी के सभी पदों से अपना त्याग पत्र सौंप दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री व भाजपा सरकार चाहती तो यह टकराव टल सकता था, लेकिन कोई उचित फैसला नहीं लिया गया।