माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रविवार व इससे पहले भी शहर में तेज बारिश हो चुकी है, लेकिन जल का अधिक देर तक ठहराव नहीं हुआ। इसे निगम की दूरगामी रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। वहीं, अब निगम ने जलनिकासी की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर कर दिया है। शहर में लगाए गए 11 डिस्पोजल (जल निकासी के पंपिंग सेट) पर जीपीएस लगा दिए हैं। जिससे किस नाले और सड़क पर कितना पानी है, कितनी निकासी हो रही है, कौन सा नाला चोक हो रहा है, सब कुछ निगम कार्यालय के ऊपर बने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से दिखेगा। रविवार को हुई बारिश में निगमायुक्त ने दो घंटे तक आईसीसीसी में बैठ कर जलभराव की स्थिति पर नजर रखी।
जून से ही नगर निगम ने मुगल कैनाल सहित नगर के सभी 28 नालों की सफाई का कार्य शुरू कराया था। इस दौरान जब पिछले वर्षों में तमाम प्रयासों के बावजूद जलभराव होने की स्थिति पर मंथन किया गया तो एक खास बात सामने आई कि तेजी से जल निकासी के लिए जो डिस्पोजल शहर में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे, वह सीधे तौर पर बिजली लाइन से जुड़े थे। जब बारिश होती थी तो बिजली कट जाती थी। जिसके साथ ही डिस्पोजल भी बंद हो जाते थे।
खराब जनरेटरों को कराया दुरुस्त
निगमायुक्त ने सभी डिस्पोजल पर खराब पड़े सभी जनरेटरों को दुरुस्त कराया, जहां जनरेटर नहीं थे, वहां नए जेनरेटरों की व्यवस्था कराई। ताकि बारिश होने पर जैसे ही बिजली गई, वैसे ही तत्काल जेनरेटर को स्टार्ट किया गया। यही कारण रहा कि डिस्पोजल लगातार काम करते रहे। नालों की सफाई होने के कारण जलनिकासी का बहाव भी तेज रहा। अब तक हुई बारिश में उन सभी स्थानों पर जलभराव नहीं हुआ, जहां पिछले वर्षों में जलभराव से स्थिति दयनीय हो जाती थी। इसके साथ-साथ सभी डिस्पोजल को जीपीएस सिस्टम से जोड़ दिया गया है। कौन से डिस्पोजल कब स्टार्ट हुआ, कब बंद हुआ, कितना पानी आगे बढ़ाया, पीछे से कितना पानी आ रहा है, किस नाले और सड़क पर कितना पानी चल रहा है, इसकी सारी जानकारी आईसीसीसी पर बैठे-बैठे होती रही। आने वाले दिनों में बारिश से संभावित जलभराव रोकने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की तैयारी की गई है।
इस बार जलभराव को चुनौती के रूप में लिया गया था, पहले से ही सभी नालों की सफाई कराई गई। सभी 11 डिस्पोजल पर जेनरेटर की व्यवस्था के साथ जीपीएस सिस्टम लगा दिया गया। रविवार को बारिश के दौरान उन्होंने खुद आईसीसीसी में बैठकर शहर में जलभराव की व्यवस्था पर नजर रखी। तत्काल एक्शन के लिए टीम भी तैयार रही। सबसे बेहतर बात ये रही कि सभी स्थानों पर अपेक्षानुरूप जलनिकासी हुई। - नरेश नरवाल, आयुक्त नगर निगम करनाल