संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर दो आवेदकों से रुपये लेने वाले होमगार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं जांच में एएसआई अमरजीत या अन्य किसी पुलिसकर्मी की पैसे लेने की कोई भूमिका नहीं पाई गई। एएसआई अमरजीत की ओर से खुद सत्यापन न करके होमगार्ड ईश्वर सिंह की ओर से सत्यापन करवा कर लापरवाही बरती गई। इसके लिए एएसआई अमरजीत के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश कर दिए गए हैं।
पासपोर्ट सत्यापन के नाम होमगार्ड ईश्वर सिंह ने दो आवेदकों अमृतपाल सिंह व देव पारुथी से 200-200 रुपये लिए थे। इसकी शिकायत मिलने पर डीएसपी असंध संदीप सिंह ने की जांच की। जांच में होमगार्ड को दोषी पाया गया। इसके बाद होमगार्ड को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया कि जब भी कोई आवेदक पासपोर्ट सत्यापन के लिए अप्लाई करता है तो उसकी वेरिफिकेशन फाइल थाने में तैनात अनुसंधान अधिकारी को दी जाती है। यह जांच निष्पक्ष और बिना किसी लेनदेन के होती है। पासपोर्ट सत्यापन बिना किसी लेनदेन और निष्पक्ष हुआ है, इसकी जांच के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फीडबैक कक्ष बनाया गया है। यहां से प्रतिदिन पासपोर्ट आवेदकों से संपर्क करके पुलिसकर्मी द्वारा उसके घर पर पहुंचने पर उसके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया और सत्यापन की एवज में आवेदक से किसी प्रकार की डिमांड तो नहीं की गई है, आदि सभी तथ्यों की जांच करती है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि अगर फिर भी किसी आवेदक से पासपोर्ट सत्यापन की एवज में किसी प्रकार की डिमांड की जाती है और आवेदक के घर पर सत्यापन किसी होमगार्ड ने आकर किया है तो आप इसकी जानकारी फीडबैक कक्ष को अवश्य दे। फीडबैक कक्ष को दी गई जानकारी के आधार पर संबंधित के विरुद्ध तुरंत उचित कार्यवाही अम्ल में लाई जाएगी।