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Karnal News: हिंदी-अंग्रेजी जरूरी नहीं, वैकल्पिक हुए विषय

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गगन तलवार
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करनाल। कक्षा 12वीं तक भले ही हिंदी, अंग्रेजी, गणित और कैमिस्ट्री की नियमित पढ़ाई की हो, लेकिन अब स्नातक होने के लिए इन विषयों को पढ़ने की बाध्यता नहीं रहेगी। कॉलेजों में नई शिक्षा नीति लागू होते ही इन विषयों को माइनर करते हुए वैकल्पिक किया गया है। ऐसे में यदि विद्यार्थी चाहता है तो इन विषयों को विकल्प में ले सकता है।

लेकिन भाषा पढ़ना उसके लिए जरूरी होगा। ऐसे में माइनर विषय में भी किसी न किसी एक भाषा को चुनना अनिवार्य किया गया है। इधर, करनाल जिले के कॉलेजों ने नई शिक्षा नीति में माइनर विषयों को अपनी सहूलियत के हिसाब से विकल्प के रूप में विद्यार्थियों को दिया है। किसी कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर ज्यादा हैं तो वहां अंग्रेजी मेजर विषय है।
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कई जगह अंग्रेजी के साथ हिंदी, पंजाबी, संस्कृत कला संकाय में और कैमिस्ट्री, गणित, भूगोल माइनर विषय दिया है। इसके अलावा कंप्यूटर साइंस भी माइनर विषय में रखा है। दोनों संकायों के विद्यार्थी इसे भी विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। नई शिक्षा नीति में माइनर विषय को भी शामिल किया गया है, मसलन अपने मूल विषयों के अतिरिक्त छात्र अगर कोई विषय लेना चाहता है तो उसे मौका मिलेगा।
इनको माइनर विषय कहा गया है, किसी भी एक सेमेस्टर में छात्र को एक माइनर विषय लेना जरूरी है। एक सेमेस्टर में तीन मेजर के साथ एक माइनर विषय लेना जरूरी है। मेजर विषय के चार क्रेडिट रहेंगे और माइनर के दो क्रेडिट रखे गए हैं साथ ही इसका सिलेबस भी कम होगा।



पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकेंगे विद्यार्थी

पहले साल की पढ़ाई पूरी करने पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल में डिप्लोमा, तीसरे में डिग्री और चौथे में ऑनर्स डिग्री व रिसर्च डिग्री मिलेगी। यदि कोई छात्र पहले वर्ष की पढ़ाई में 40 क्रेडिट और एक साल का वोकेशनल कोर्स में चार क्रेडिट लेता है तो बीच में पढ़ाई छोड़ने के बाद तीन साल के अंदर वो दोबारा उसी डिग्री प्रोग्राम की आगे की पढ़ाई से जुड़ सकेगा, जबकि अधिकतम सात साल के भीतर एंट्री-एग्जिट की सुविधा मिलेगी।



हमारे कॉलेज में कला संकाय में हिंदी, अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस व विज्ञान में भूगोल, गणित और रसायन माइनर विषय दिया है। यदि साइंस के विद्यार्थी बीएससी में कंप्यूटर में रुचि लगती है तो दूसरे वर्ष में वह स्वयं को बीएससी कंप्यूटर साइंस में भी शिफ्ट कर सकेगा। जबकि तीन वर्ष में यदि उसके अंक 75 प्रतिशत से अधिक होंगे तो ऑनर्स भी कर सकेगा। - डॉ. दीपक शर्मा, दाखिला नोडल अधिकारी, राजकीय महिला महाविद्यालय
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हमारे कॉलेज में हिंदी, पंजाबी, संस्कृत, कैमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस माइनर विषय भी रखे हैं। विषय संयोजन के दौरान प्रत्येक माइनर विषय के हिसाब से सीटें रिजर्व की गई हैं। विद्यार्थी जो चाहे उसी विकल्प के अनुसार दाखिला लेगा। प्रथम वर्ष के 52 क्रेडिट में चार क्रेडिट इंटर्नशिप के भी जुड़ेंगे। जिसे पहले दो साल में कभी भी कर सकते हैं। - डॉ. सुभाष जागलान, दाखिला नोडल अधिकारी, राजकीय पीजी कॉलेज
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