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Karnal News: इयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से खत्म हो रही सुनने की क्षमता

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- नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 200 मरीज, इनमें 40 प्रतिशत युवा शामिल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। लोगों में सुनने की क्षमता कम हो रही है। पहले 50 से 60 साल की उम्र पार होने पर ही कम सुनाई देता था, लेकिन अब यह समस्या किशोरों और युवाओं में भी देखी जा रही है। इसकी बड़ी वजह घंटों तक इयरफोन का इस्तेमाल करना, ऊंची आवाज में संगीत सुनना है। ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ तेज आवाज ही नहीं बल्कि लंबे समय तक धीमी आवाज में सुनते रहना भी एक कारण है।
नागरिक अस्पताल की ईएनटी की ओपीडी में आने वाले मरीजों पर नजर डालें तो रोजाना करीब 220 मरीज कम सुनने की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें 40 प्रतिशत मरीज युवा हैं। जिनकी लगातार संख्या बढ़ती जा रही है।
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नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन बताते हैं कि अक्सर बातचीत के दौरान हम कुछ शब्दों को सुन नहीं पाते। कई बार ऐसा ध्यान न देने के कारण होता है, लेकिन जब ऐसा बार-बार होने लगे तो सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि यह सुनने की क्षमता में होने वाली कमी का संकेत है।
ईएनटी की ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों का कोरोना काल में इजाफा हुआ था। जो अब धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है चूंकि कोरोना काल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपना अधिकतर समय मोबाइल फोन, टेलीविजन, एमपी थ्री प्लेयर इत्यादि पर बिताया है, जिसके बाद कम सुनने की समस्या पैदा होने लगी है।

तीव्र आवाज झेलने में सक्षम नहीं कोशिकाएं

डॉ. जयवर्धन ने बताया कि कान का आंतरिक हिस्सा छोटी अंगुली के नाखून के बराबर होता है। जिसमें 15 हजार कोशिकाएं होती हैं। जो इन तीव्र आवाज को झेलने में सक्षम नहीं होती हैं और बार-बार आवाज सुनने के कारण ये कोशिकाएं मृत हो जाती हैं। जिससे सुनने की क्षमता लगभग खत्म हो जाती है।

जांच से ही नुकसान का पता संभव

डॉ. जयवर्धन ने बताया कि इयरफोन से नुकसान आमतौर पर धीरे-धीरे होता है। जिसके स्पष्ट संकेत नहीं दिखते हैं। डॉक्टर की जांच से ही सुनने की क्षमता को हुए नुकसान का पता लगाया जा सकता है। हालांकि कोई भी लक्षण अनुभव होने पर डॉक्टरी जांच करा सकते हैं। जैसे कान बजना, अजीब आवाजें आना। शोर शराबे वाली जगहों पर सुनाई देने में कठिनाई। आवाज दबी सुनाई देना और कान बंद होने का एहसास होना। पहले की तुलना में अधिक तेज आवाज में टीवी या रेडियो सुनना।
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आवाज का स्तर रखें 60 प्रतिशत

जब भी इयरफोन का इस्तेमाल करते हैं, आवाज का स्तर नाममात्र रखें। इसमें आवाज का स्तर 60 प्रतिशत के साथ एक घंटे तक गाना सुन सकते हैं। इसके बाद एक घंटे तक आराम की आवश्यकता पड़ती है।
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