- सिविल सर्जन कार्यालय में कामकाज ठप, लेबर रूम पर भी असर, अब दो अगस्त तक जारी रहेगी हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम कर्मियों ने हड़ताल को आगामी चार दिन यानी 30 जुलाई से दो अगस्त तक बढ़ा दी है। ऐसे में पिछले चार दिनों से ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं आगामी चार दिन तक जस की तस रहेंगी। हड़ताल के दौरान सबसे अधिक जिला नागरिक अस्पताल का लेबर रूम प्रभावित है। जहां रोजाना 10 से 12 डिलीवरी होती थी वहां पर पिछले चार दिनों में मात्र 12 डिलीवरी ही संभव हो पाई हैं। ऐसा ही हाल कस्बों की सीएचसी पर लेबर रूम का है।
अपनी लंबित मांगों को लेकर एनएचएम साझा मोर्चा हरियाणा के बैनर तले प्रदेशभर में एनएचएम कर्मी हड़ताल पर हैं। करनाल में भी 700 एनएचएम कर्मी हड़ताल पर हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। नागरिक अस्पताल के लेबर रूम में जहां 14 स्टाफ नर्सें तैनात थीं अब वहां पर एनएचएम की हड़ताल के चलते केवल पांच स्टाफ नर्सें रह गई हैं। यानी तीन शिफ्टों का काम अब पांच स्टाफ नर्सों के कंधों पर आ गया है।
वहीं लेबर रूम में 29 जुलाई को 29 गर्भवतियों व जच्चा-बच्चा दाखिल हैं। एनएचएम की हड़ताल को आगे बढ़ता देख इमरजेंसी वाले केसों को रेफर करने के लिए लेबर रूम तैयार है। ऐसे में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज पर इसका काफी असर देखने को मिलेगा। लेबर रूम में मरीज को दवाई देना, डिलीवरी करवाना, बीपी, शुगर की जांच, ब्लड चढ़ाना, इंजेक्शन लगाना, आयरन चढ़ाना, मरीज को दाखिल करने से लेकर छुट्टी तक के कार्य एक नर्स करती है। इसके अलावा एनसीडी क्लीनिक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ सहित फिजियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनएचएम कार्यालय का काम ठप
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण सिविल सर्जन के एनएचएम कार्यालय का काम पूरी तरह ठप है। पिछले चार दिनों से हड़ताल के कारण सामान्य से लेकर विशेष फाइलें भी निकल नहीं पा रही हैं। एनएचएम कार्यालय में सुरक्षित जननी माह, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीबी, आयुष्मान योजना का रिकाॅर्ड भी उप-सिविल सर्जनों को नहीं मिल पा रहा है क्योंकि सिविल सर्जन कार्यालय में अधिकतर कर्मी एनएचएम के तहत तैनात हैं। ऐसे में आगामी चार दिन तक हड़ताल पर जाना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।
चार दिनों में लेबर रूम में हुई डिलीवरी
दिन डिलीवरी
26 जुलाई 00
27 जुलाई 06
28 जुलाई 03
29 जुलाई 03
कर्मचारियों की मुख्य मांगें-
एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम में कार्यरत जिन-जिन कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है उन्हें वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता दिया जाए। कर्मियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समयाविधि में बढ़ी हुई सीएल, ईएल व सीसीएल प्रदान की जाए और नियमित कर्मियों की तर्ज पर सभी एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।