संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मानसून की पहली बारिश के बाद जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। वहीं शहर में फॉगिंग को लेकर इस साल भी नगर निगम और स्वास्थ्य महकमा आमने-सामने है। दोनों एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। जिले में डेंगू के सात केस मिलने के बावजूद एक भी दिन फॉगिंग नहीं कराई जा सकी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शहर में फॉगिंग कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, क्योंकि फॉगिंग मशीनें भी निगम के पास ही हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने पूरे वॉर्ड में फॉगिंग कराने पर रोक लगाई है। डेंगू का केस निकलने पर स्वास्थ्य विभाग सूची निगम को देता है, उसी घर व उसके 100 मीटर के दायरे में फॉगिंग करने की दवाई देता है। नगर निगम के पास 22 मशीने होने के बावजूद शहर में फॉगिंग का कार्य ठप है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह उनकी टीम घर घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। अभी तक 1038 घरों में व 1140 कंटेनरों में लार्वा मिल चुका है। वहीं 258 लोगों को विभाग नोटिस भी जारी कर चुका है। केस की बात करें तो छह महीनों में डेंगू के सात केस सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा की जांच के लिए 166 टीमें बनाई है। इनमें 16 टीमें शहर में और 150 टीमें ग्रामीण क्षेत्र में घर घर जाकर लार्वे की जांच कर रही है। अभी तक टीमों ने 43882 घरों व 1092749 में जाकर जांच की है। वहीं 95548 लोगों के खून के नमूने की भी जांच की है।
वर्ष
केस
2018
106
2019
29
2020
93
2021
304
2022
335
2023
561
लक्षण
डेंगू
- अचानक तेज बुखार होना।
- छाती व उपर के हिस्सों में दानों का निकलना।
- आंखों के पिछले हिस्से में जोर का दर्द।
- भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना।
मलेरिया
- ठंड लगकर बुखार आना
- शरीर में दर्द, सिर दर्द व उल्टी आना
- पसीना आकर बुखार कम होना
- कमजोरी महसूस होना
- कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है
बचाव
- अपने आस पास पानी जमा न होने दे, क्योंकि इसी में मच्छर पनपते हैं।
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।
- दिन के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए
- घरों में मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव करें
- कूलर, होदी या पानी से भरे हुए बर्तन को खाली कर दें
- जहां पानी जमा है वहां कीटनाशक डाल दें या पानी खाली कर दें।
डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते है। इस लिए लोगों को इसके प्रति जागरूक होना पड़ेगा। अपने आस पास पानी इकट्ठा न होने दे। विभाग की टीमें भी जहां पानी इकट्ठा होता है वहां दवा डालती है। वहीं फॉगिंग कराने का काम नगर निगम का है। विभाग की ओर से उन्हें दवाई दी जाती है। - डॉ. अनू, डिप्टी सीएमओ, करनाल।
निगम को कोई सूची व दवा नहीं मिली
पहले निगम पूरे वार्ड में फॉगिंग करता था लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग से दमा व श्वांस रोगियों को दिक्कत होने की बात कहकर फॉगिंग को बंद करा दिया था। पत्र लिखकर भी स्थिति को स्पष्ट करने को कहा था, जिसमें सीएमओ ने स्पष्ट किया कि जहां डेंगू का केस निकलनेगा, उसके घर व उसके आसपास ही फॉगिंग कराने की बात कही। उतनी ही दवाई भी देने की बात कही लेकिन अभी तक उन्हें डेंगू केस निकलने की कोई सूची या दवाई नहीं मिली है, जिसके कारण फॉगिंग नहीं कराई गई है। - सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक नगर निगम, करनाल।