माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा के सिख समाज को एक जुटकर उनके हक की आवाज बुलंद करने की मुहिम के तहत गुरुद्वारा मंजी साहिब से हरियाणा सिख एकता दल की शुरुआत की गई। विगत सप्ताह करनाल में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक व उसके बाद हिसार, फतेहाबाद व सिरसा में सिखों व सिख संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक करने के बाद नए संगठन की घोषणा की है।
बैठक के दौरान बाबा गुरमीत सिंह गुरुद्वारा राज करेगा खालसा, बाबा दिलबाग सिंह कार सेवा, बाबा मेहर सिंह नबियाबाद विशेष रूप से शामिल हुए व सिख कौम के हित में इस नई जत्थेबंदी को पूर्ण समर्थन देने का एलान किया। बाबा गुरमीत सिंह डाचर ने कहा कि हरियाणा के सिखों को उनके हकों से वंचित किया जा रहा है। कोई भी पार्टी हरियाणा के सिखों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने पूरे प्रदेश के सिख जगत से एक निशान साहिब के नीचे आकर आपने हकों की आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया।
इंटरनेशनल सिख फोरम के महासचिव प्रीतपाल सिंह पन्नु ने घोषणा की कि आठ सितंबर को करनाल में हरियाणा सिख सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश से लाखों की तादाद में सिख भाग लेंगे व अपनी जागृति व एकता का प्रदर्शन करेंगे। शिरोमणि गतका फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रधान गुरतेज सिंह खालसा, किसान नेता अमृत सिंह बुग्गा, डेरा कार सेवा से गुरसेवक सिंह ने कहा कि अभी यह संगठन सामाजिक रूप से हरियाणा के सिखों को एकजुट करने के लिए बनाया गया है।
सरकार व विपक्ष सभी से बात की जाएगी। किसी भी पार्टी ने उनकी मांगों की तरफ ध्यान न दिया तो इस संगठन को राजनीति की और भी ले जाया जा सकता है। इस अवसर पर डेरा कार सेवा के मीत ग्रंथी गुरप्रीत सिंह, पूर्व पार्षद सुखबीर सिंह, गुरुद्वारा गुरु तेग़ बहादुर साहेब न्यू राम नगर के प्रधान गुरनाम सिंह, इंटरनेशनल सिख फोरम के ज़िला प्रधान पंजाब सिंह, समाज सेवी परमिंदर पाल सिंह, परमजीत सिंह आहूजा मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
हरियाणा में 15-20 विधान सभा सीटों से सिख उम्मीदवार उतारे जाएं। अगर कोई सीट रिजर्व हो तो ऐसी सीट पर रिजर्व सिख को टिकट मिले। अगली लोकसभा में सिख समुदाय के दो प्रतिनिधियों को टिकट मिले व राज्य सभा में भी हरियाणा के सिख समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाए। पंजाबी टीचर भर्ती का रिजल्ट भी लंबित है। पिछला रिजल्ट निकाला जाए व जिन सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पंजाबी टीचर नहीं हैं वहां पोस्ट दी जाए। पंजाबी साहित्य अकादमी को पहले की तरह स्वतंत्र प्रभार दिया जाए ताकि पंजाबी भाषा के विकास के कार्य हो सकें। सोशल मीडिया पर सिख धर्म, गुरु साहेबान, सिख कौम के बारे गलत प्रचार करने व सिखों को टारगेट बनाकर व गलत शब्द इस्तेमाल कर हमला करने पर कार्रवाई करने के लिए हर जिले में एसआईटी का गठन किया जाए। परीक्षाओं में अमृतधारी बच्चों के ककार न उतरवाने के लिये स्पष्ट निर्देश दिये जायें व ऐसा करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी व विभागीय कारवाई की जाए। राज्य में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया जाए। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में हरियाणा के सिखों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।