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आईसीजेएस से हरियाणा पुलिस ने खोजे एक करोड़ अपराधी : शत्रुजीत कपूर

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आईसीजेएस से हरियाणा पुलिस ने खोजे एक करोड़ अपराधी : शत्रुजीत कपूर
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- बोले, अपराधी खोज प्रणाली के तहत सर्वाधिक सर्चिंग वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना
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- नूंह हिंसा पर डीजीपी बोले, अब तक 179 मामले दर्ज, 595 लोगों को किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि हरियाणा पुलिस अब हाईटेक तरीके से अपराधियों को तलाश रही है। हरियाणा, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने अपराधी खोज प्रणाली आईसीजेएस (इंटर ऑप्रेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के तहत अब तक करीब एक करोड़ अपराधियों की तलाश की है। अपराधी पुलिस की नजर से बच नहीं सकते।
ये बात उन्होंने शनिवार को करनाल रेंज में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में कही। उन्होंने बताया कि नूंह जलाभिषेक यात्रा हिंसा मामले में प्रदेश भर के विभिन्न थानों में अब तक 179 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 595 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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उन्होंने कहा कि आईसीजेएस प्रणाली अपराधियों को खोजने में काफी कारगर सिद्ध हो रही है। हरियाणा प्रदेश में इस प्रणाली के माध्यम से अपराधियों को खोजने में सहायता मिलती है और इस प्रणाली के माध्यम से अपराधियों की पहचान करने वाला हरियाणा प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। इस मौके पर करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कैथल अभिषेक जोरवाल, करनाल पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन व पानीपत पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

थाने व चौकियां भी सीसीटीएनएस प्रणाली से जुड़ेंगे
डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर ने कहा कि गांव में लगाए गए प्रहरियों को प्रबंध योग्य क्षेत्र दिया जाएगा। अनेक गांव व क्षेत्र ऐसे हैं जहां नाममात्र भी अपराध नहीं होता, वहां प्रहरी की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही साइबर क्राइम को लेकर अधिकारियों की ओर से अध्ययन किया जा रहा है। थानों के साथ-साथ चौकियों को भी सीसीटीएनएस से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
महिला सुरक्षा के लिए शुरू होगा ट्रिप मॉनीटरिंग सिस्टम
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अक्तूबर से ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर को आवश्यकता अनुसार अपडेट किया जाएगा। रात्रि के समय यात्रा करने वाली महिलाएं यदि स्वयं को इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाएंगी तो पुलिस की डायल 112 उनकी सुरक्षा की जानकारी मार्ग में भी प्राप्त करती रहेगी और 112 पर फेक कॉल करने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य भर में ऐसे हॉट स्पॉट क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जहां महिलाओं को सुरक्षा की आवश्यकता होती है। खानपान स्थल, बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज आदि स्थानों पर यूनिफॉर्म में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ग्रामीण व शहरों क्षेत्र में ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी।
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एक कॉल पर पुलिस सहायता मिलेगी

उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि स्वयं अपने नाम और लोकेशन शेयरिंग के साथ 112 और 1091 पर पंजीकृत करती हैं तो उनकी एक कॉल पर पुलिस सहायता प्राप्त होगी। जिसमें उन्हें अपना नाम और लोकेशन बताने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही सभी ऑटो का भी डाटा बेस तैयार किया जा रहा है, जिसमें सीट के सामने ड्राइवर का नाम, फोन नंबर व ऑटो नंबर लिखा होना अनिवार्य किया जाएगा।
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