- एकल मुकाबलों में तनीष और अवनी रहे अव्वल, बी-24 अकादमी में हुईं प्रतियोगिताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बी-24 अकादमी में रविवार को संयुक्त आयुवर्ग के बैडमिंटन मुकाबले हुए। इसके साथ-साथ 11, 13, 15, 17 व 19 आयुवर्ग के फाइनल मुकाबले भी हुए। नौ आयुवर्ग के एकल मुकाबलों में तनीष व अवनी प्रथम, डबल मुकाबलों में 13 व 15 आयुवर्ग में हर्षिका व प्रीकांक्षा की जोड़ी ने प्रथम स्थान पाया।
इस दौरान सम्मिलित आयुवर्ग के डबल 120 प्लस आयुवर्ग में आरके शर्मा व प्रमोद, 130 प्लस मुकाबले में नरेंद्र कुकरेजा व पीसी तिवारी विजेता रहे। इस दौरान दिल्ली, चंडीगढ़, पटियाला व उत्तराखंड से आए हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं 11 आयुवर्ग में अर्चित राय प्रथम, आयान द्वितीय व तनिश व कार्तिक तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में 60 आयुवर्ग मुकाबलों में विनय व पुनित विजेता रहे। 70 आयुवर्ग के डबल में मनीष धूलिया व विनय पुनिया विजेता रहे।
दूसरे दिन के परिणाम-
सिंगल मुकाबले (लड़के)
13 आयुवर्ग में अर्चित प्रथम, गर्व द्वितीय, तनिष व कार्तिक शर्मा तृतीय रहे। 15 आयुवर्ग में अवयुक्त प्रथम, रितेश द्वितीय व नरवीर व समरित तृतीय रहे। 17 आयुवर्ग में रितेश प्रथम, अवयुक्त द्वितीय, 19 आयुवर्ग में वंश प्रथम व हरसिमर द्वितीय रहे।
डबल मुकाबले (लड़के)
11 आयुवर्ग में स्पर्श व लक्षित की जोड़ी प्रथम, वियान व तनिष द्वितीय, 13 आयुवर्ग में गर्व व आदित्य प्रथम, इकमजीत द्वितीय, 15 आयुवर्ग में परोक्ष व रितेश विजेता रहे। 17 आयुवर्ग में देव व वंश की जोड़ी प्रथम, तामन्य व संयम द्वितीय रहे।
डबल मुकाबले (लड़कियां)
लड़कियों के डबल मुकाबलों में 15 आयुवर्ग में हर्षिका व प्रीकांक्षा की जोड़ी प्रथम, सानवी व स्नेहा द्वितीय रही। 13 आयुवर्ग में भी हर्षिका व प्रीकांक्षा प्रथम, उन्नति व तनीषा द्वितीय, काइना व आलिया तृतीय स्थान पर रहीं।
सिंगल मुकाबले (लड़कियां)
लड़कियों के एकल मुकाबले में नौ आयुवर्ग में अवनी कुकरेजा प्रथम, मीरा द्वितीय, आरना व जसकिरत तृतीय रही। 11 आयुवर्ग में आलियाना प्रथम, अंशिका द्वितीय व रूबिला व सानवी तृतीय रही। 13 आयुवर्ग में परीकांक्षा प्रथम, हर्षिका द्वितीय, तनिषा तीसरे स्थान पर रही। 15 आयुवर्ग में सारा प्रथम, भाग्य द्वितीय व सचप्रीत तृतीय रही। 19 आयुवर्ग में अग्रिमा प्रथम, नंदिनी द्वितीय व अक्षरा तृतीय रही।
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दक्षिण कोरिया में किया टीम का नेतृत्व
2023 में दक्षिण कोरिया में आयोजित वरिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले लगातार 20 वर्षों तक हरियाणा की बैडमिंटन टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में हरियाणा बैडमिंटन महासंघ में महासचिव व एनआईटी कुरुक्षेत्र में वरिष्ठ प्रध्यापक हूं। अखिल भारतीय इंटर एनआईटी चैंपियनशिप में कई पदक जीते हैं। करनाल में आयोजित 70 प्लस आयुवर्ग मुकाबले में भी स्वर्ण पदक जीता था। 55 वर्ष की उम्र से बैडमिंटन खेल रहा हूं, अभी 62 वर्ष का हूं। हाल में बैडमिंटन के दोहरे मुकाबले में 60 से 65 आयुवर्ग में खेलता हूं।
- डॉ पीसी तिवारी, एनआईटी, कुरुक्षेत्र
शरीर फिट रखने के लिए खेलना शुरू किया बैडमिंटन
बैडमिंटन में उत्तराखंड का लगातार कई वर्षों से स्टेट चैंपियन हूं। अभी 75 वर्ष का होने वाला हूं, 60 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया। उत्तराखंड में खेल विभाग से सेवानिवृत्त होते ही अपने शरीर को फिट रखने के लिए बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। थाइलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2023 में उदयपुर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी रजत पदक जीता। इस वर्ष पूना में आयोजित एकल व दोहरे मुकाबले में दो रजत पदक जीते। इसके अलावा जेवलिन थ्रो का भी खिलाड़ी हूं। उत्तराखंड में भाला फेंक प्रतियोगिताओं में भी तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।
- ओमप्रकाश पाल
कई वर्षों से हूं दिल्ली का स्टेट चैंपियन
बैडमिंटन का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। 60 से 65 आयुवर्ग के सिंगल, डबल व मिक्स मुकाबले खेलता हूं। स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुका। इसी वर्ष मोहाली में आयोजित मिक्स डबल एक्सडी प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। लगातार कई वर्षों से दिल्ली का स्टेट चैंपियन हूं। बैंडमिंटन की शुरुआत हरियाणा से की। इस दौरान पहली बार में ही स्वर्ण पदक जीता। करनाल में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में भी लगातार आठ सालों से जीतता आ रहा हूं।
- रमेश शर्मा
डबल मुकाबले खेलता हूं
बैडमिंटन के डबल मुकाबले खेलता हूं। जिसमें मेरी आयुवर्ग के संतोख सिंह, रमेश शर्मा जोड़ीदार हैं। इसी वर्ष 23 जुलाई को श्रीलंका में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेंगे। चंडीगढ़ से शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हूं। दो साल से बैडमिंटन खेलना शुरू किया है। इसमें साथी संतोख सिंह का भरपूर योगदान है। हम दोनों मिलकर बैडमिंटन के 110 आयुवर्ग के मुकाबले खेलते हैं। इसके अलावा रमेश शर्मा के साथ भी डबल के कई मुकाबले खेले, जिनमें जीत दर्ज की है। मैंने व संतोख सिंह ने बैडमिंटन की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
- गुरप्रीत सिंह सिधू