मीनू बांगड़ करनाल। दानवीर राजा कर्ण के नाम से विश्व प्रसिद्ध कर्णनगरी करनाल में रेलवे रोड पर रहने वाले प्रसिद्ध उद्योगपति के नौवीं कक्षा के बेटे ने कोरोना मरीजों का उपचार कर रहे चिकित्सकों की चिंता करते हुए पीपीई किट के लिए चंदा जुटाया। वह होनहार बच्चा है उद्योगपति कनिष्क गुप्ता का पुत्र हार्दिक गुप्ता। यह बच्चा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान रखने वाली लिबर्टी शूज कंपनी के परिवार से है। अपने घर में बड़ों को समाजसेवा करते देखा तो बचपन में ही राष्ट्रभक्ति और देश सेवा के अंकुर फूट पड़े। हार्दिक गुप्ता ने जब कोरोना वायरस के कारण विश्व में बने हालात संबंधी समाचार देखे तो उसके मन में अपने देश के चिकित्सकों की फिक्र हुई। हार्दिक ने मरीजों के उपचार में जुटे चिकित्सा स्टाफ को पीपीई किट की मदद के लिए शुरूआत में 50 हजार रुपये अपने परिवार, परिचितों व दोस्तों से एकत्रित करने की ठानी। उसके प्रयासों से यह राशि करीब एक लाख एकत्रित हो चुकी है। उसने यह राशि 66 लोगों से एकत्रित की है। 28 अप्रैल को वह इस राशि को एक एनजीओ को देगा और तब तक और चंदा एकत्रित करने की कोशिश है। 13 वर्षीय हार्दिक गुप्ता देहरादून स्थित दून स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ रहा है। लॉकडाउन से दो दिन पहले वह करनाल में अपने घर आया था। उसने मुंबई की हेल्पिंग हैंड आर्गेनाइजेशन के बारे में आनलाइन जानकारी हासिल की जो रोगियों की मदद के लिए काम करती है। अब यह संस्था कोरोना मरीजों की मदद करने साथ-साथ उनके उपचार में जुटे चिकित्सकों को पीपीई किट मुहैया करवा रही है। थोड़ा-थोड़ा चंदा एकत्रित करके जरूरतमंदों की मदद करती है। यह संस्था दूसरों मदद के लिए प्रेरित भी करती है। हार्दिक गुप्ता ने इस संस्था के बारे में ऑनलाइन जानकारी हासिल की और मन में ठाना कि किसी ना किसी तरीके से मदद करनी है। हार्दिक गुप्ता का कहना है कि एक डाक्टर को पीपीई किट चार घंटे बाद बदलनी पड़ती है ताकि उसे किसी तरह का इंफेक्शन नहीं हो। 28 अप्रैल को वह पीपीई किट के लिए यह पैसा सामाजिक संस्था को जमा करवाएगा, तब तक वह और भी चंदा एकत्रित करने में जुटा है। यह राशि और भी बढने की उम्मीद है।