करनाल। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निजी स्कूलों की तर्ज पर कार्य करना शुरू कर दिया है। नए शैक्षणिक सत्र 2023-24 में प्रवेश के लिए विभिन्न स्कूलों के गुरु जी घर-घर जा रहे हैं और अभिभावकों को बच्चों के दाखिले के लिए जागरूक कर रहे हैं। वे उन्हें स्कूल की उपलब्धियों और सुविधाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिससे लोग अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराएं।
जानकारी के अनुसार राजकीय स्कूलों ने दाखिले बढ़ाने के लिए पंपलेट और होर्डिंग्स तैयार करवाए गए हैं। जिन्हें गलियों, बाजारों और बिजली के खंभों पर लगाया जा रहा है। राजकीय स्कूलों के बच्चों की संख्या बढ़ाने की मुहिम में केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि स्कूलों के मुख्याध्यापक, हेड टीचर, प्रिंसिपल, बीईओ, उप जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी भी जुटे हैं। इसके लिए अलग-अलग टास्क भी दिए गए हैं। कोई शिक्षक प्राइवेट स्कूलों में जाकर छात्रों को प्रेरित कर रहा है तो कोई डोर-टू-डोर जाकर माता-पिता से बात कर रहा है। विदित हो कि जिले में 778 राजकीय स्कूल हैं, जहां पर कक्षा पहली से 12वीं तक चालू सत्र में 1.34 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जबकि सत्र 2021-22 में कोरोना के कारण छात्र संख्या 1.40 लाख से ज्यादा थी। इस बार छात्र संख्या पहले से बढ़े, इसलिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। ब्यूरो
स्कूलों में लगाए जा रहे हेल्प डेस्क
राजकीय स्कूलों के शिक्षकों के अनुसार स्कूलों में हेल्प डेस्क भी लगाए जा रहे हैं। जहां स्कूल में अभिभावकों को मॉडल संस्कृति व सामान्य राजकीय स्कूल की उपलब्धियां बताई जा रही हैं। इसके अलावा हिंदी व अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई, एनएसक्यूएफ कोर्स, रोबोटिक लैब, डिजिट लैब, ड्यूल डेस्क, वाटर कूलर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए फ्री शिक्षा व अन्य छात्रों से ली जाने वाली फीस और दिए जाने वाले भत्तों की जानकारी दी जा रही है।
पंपलेट और होर्डिंग में ये उपलब्धियां दर्शाई
- स्कूल में पढ़ाई का माध्यम और संकाय।
- इंफ्रास्ट्रक्चर, कमरे और लैब आदि की जानकारी।
- स्मार्ट क्लास रूम और डिजिटल बोर्ड।
- नीट और जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूल में लगने वाली कक्षाएं।
- डांस, थियेटर, गायन और योग कक्षा।
- एनएसक्यूएफ के तहत कौशल विकास कार्यक्रम
- पिछले चार वर्षों के टॉपर विद्यार्थियों की फोटो सहित सूची।
- वर्ष भर हुई जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल के विद्यार्थियों के पुरस्कार।
(ये सभी जानकारी बयाना के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के होर्डिंग में दी हैं।)
वर्जन
नए शिक्षा सत्र के लिए फिलहाल तो पहली अप्रैल से मुख्य रूप से कार्य शुरू होगा। काफी स्कूलों ने इस बार अपनी उपलब्धियों के पम्फलेट आदि छपवाए हैं। जिन स्कूलों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, वहां के शिक्षकों ने डोर टू डोर प्रचार करना शुरू कर दिया है। छात्र संख्या चालू सत्र से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।