- सेक्टर-12 में वादा निभाओ रैली में आंदोलन शुरू करने का लिया निर्णय
- बोले, 2014 में पक्की नौकरी देने का किया वादा अब तक अधूरा, अब रोजाना पांच शिक्षक लघु सचिवालय के सामने देंगे धरना
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पक्की नौकरी की मांग को लेकर अतिथि अध्यापक एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। शनिवार को हरियाणा अतिथि अध्यापक मंच के बैनर तले अध्यापकों ने प्रदेश स्तरीय वादा निभाओ रैली की। इस रैली में चर्चा के बाद सीएम सिटी में अनिश्चितकाल क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया। अब लघु सचिवालय के सामने शिक्षक धरना देंगे। जहां रोजाना अलग-अलग जिले के पांच शिक्षक अनशन पर बैठेंगे। शिक्षकों ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने से पहले 2014 में पक्की नौकरी देने का उन्हें किया वादा अभी तक अधूरा है। अब वे करनाल से अपनी मांग को पूरा करवाकर ही उठेंगे।
शनिवार को सेक्टर-12 फव्वारा पार्क में शिक्षकों की रैली हुई। जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिथि अध्यापक पहुंचे। दोपहर तक शिक्षकों ने रैली में अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और आंदोलन शुरू करने की रुपरेखा बनाई। रैली से शिक्षक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए जाने लगे तो मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला रैली स्थल पर पहुंच गए। शिक्षकों ने उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा और उन्होंने मुख्यमंत्री तक उनकी बात पहुंचाने का आश्वासन दिया।
जल्द सीएम से वार्ता तय करवाई जाएगी। वह स्वयं अतिथि अध्यापकों की पैरवी करते हुए उनकी मांगों को लागू करवाने का प्रयास करेंगे। रैली की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने की। पहले दिन प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री, प्रदीप बत्तान, पारस शर्मा, संतलाल और दिनेश गौतम ने अनशन पर बैठकर विरोध जताया। इस अवसर पर सतपाल शर्मा, नरेंद्र सरोत, पारस शर्मा, सुभाष, रवीश, प्रवीण कुमार, जोगिंद्र मान और कृष्ण कुमार मौजूद रहे। ब्यूरो
नौकरी पक्की होने पर ही धरने से उठेंगे
प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा कि सत्ता में आने से पूर्व लिखित में जंतर मंतर पर अतिथि अध्यापकों को निवर्तमान भाजपा अध्यक्ष ने लिखकर दिया था और अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था कि अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाएगा, लेकिन सरकार अपने वादे भूल गई। महासचिव प्रदीप बतान ने कहा कि जब तक सरकार उन्हें नियमित नहीं करती तब तक करनाल में डटे रहेंगे। उपप्रधान मैना यादव ने कहा कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है दूसरी तरफ 18 वर्षों से महिला अध्यापकों की दुर्गति की जा रही है। रैली की शुरुआत हरियाणा के अतिथि अध्यापकों ने शहीद राजरानी को श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित करके की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हाल में शहीद राजरानी के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। वर्ष 2008 में रोहतक में अध्यापिका राजरानी की मौत हुई थी।