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बसी अकबरपुर में पहले सरपंच के नाम पर बनी सहमति

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घरौंडा गांव बसी अकबरपुर में बैठक में सर्वसम्मति के बाद लड्डू बांटते ग्रामीण।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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घरौंडा। करीब दो साल पहले अस्तित्व में आई ग्राम पंचायत बसी अकबरपुर की पंचायत में सरपंच पद पर महिला पूनम दलाल के नाम पर सहमति बन गई है। हालांकि अंतिम फैसला तो नामांकन प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी ओर से पहले चुनाव में पहले सरपंच पद पर अपनी मुहर लगा दी है। सरपंच के साथ-साथ आठ पंचों को भी सर्वसम्मति से चुने जाने की कवायद चल रही है।
बसी अकबरपुर ग्राम पंचायत का गठन दो साल पहले ही हुआ था। इससे पहले ये गांव गढ़ी खजूर पंचायत का हिस्सा था। यहां के ग्रामीण लंबे समय से अलग ग्राम पंचायत की मांग कर रहे थे। कई बार विधायक हरविंदर कल्याण से मांग भी की थी। विधायक के सहयोग से अलग ग्राम पंचायत बनी तो अब चुनाव घोषित होने के बाद कई दावेदार सरपंच पद के लिए महीनों से ताल ठोक रहे थे। लेकिन गांव के गणमान्य लोग गांव में भाईचारा कायम रखते हुए आमराय से सरपंच चुनने के पक्षधर थे।
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इसको लेकर वीरवार को गांव के सामुदायिक केंद्र में करीब सभी बिरादरियों के लोगों के बैठक बुलाई गई। इसमें भी कई दावेदारों ने अपने नाम पेश किए। इसके लिए सभी बिरादरियों की सहभागिता वाली 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इसी कमेटी को सभी दावेदारों के नाम दिए गए और इन सभी दावेदारों में से एक के नाम पर सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद आरक्षित सीट पर पूनम दलाल के नाम पर सहमति बन गई। कमेटी के फैसले का ग्रामीणों ने स्वागत करते हुए मिष्ठान वितरण किया। पूनम देवी सरपंच पद के लिए शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। यदि कोई अन्य सरपंच पद पर नामांकन दाखिल नहीं करता है तो पूनम का सरपंच बनना तय हो जाएगा।
भाईचारा रहेगा कायम
सोनू सेन का कहना है कि अगर गांव में सर्वसम्मति से पंचायत का गठन होता है तो भाईचारा स्थापित होगा। क्षेत्र में इसका अच्छा संदेश जाएगा। ग्रामीणों का सपना था कि गांव में पंचायत सर्वसम्मति से बने तो बेहतर रहेगा। साथ ही हरियाणा सरकार से प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी, जिससे पंचायत का विकास हो सकेगा। किसी तरह का विवाद नहीं होगा।
पहली बार बनी पंचायत
इंदरजीत ने कहा कि गांव की अपनी पंचायत का पहली बार गठन हुआ है। पहली बार ही सर्वसम्मति से गांव की सरपंच चुनने का प्रयास किया जा रहा है। गांव की पंचायत में सर्वसम्मति बन गई है। सर्वसम्मति से पंचायत का गठन होने से सरकार 11 लाख की राशि देगी। सरपंच को भी पांच लाख रुपये मिलेंगे।
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पहले मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बसी अकबरपुर गांव की महिलाओं में इस बात को लेकर उत्साह है कि पहली बार गठित पंचायत के पहले चुनाव में सरपंच पद को महिला संभालेगी। अन्य पंचायतों को तो ग्रांट बाद में मिलेगी, लेकिन सर्वसम्मति के कारण सरकार से प्रोत्साहन राशि पहले मिल जाएगी।
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