- पीढ़ियों और परिवारों में एक साथ मतदान का दिखा उत्साह, खिले चेहरे
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दादी-नानी से बचपन में किस्से सुनते थे, अब उन्हीं के साथ प्रदेश के विकास के लिए मतदान किया। कर्ण नगरी में दादी-नानी के साथ पोते-पोतियां और दोहते-दोहतियां तो कहीं मतदान केंद्र तक स्पॉट बने यानी हाथ पकड़कर बूथ तक लाए। तो किसी ने दादी और नानी के साथ एक साथ वोट किया।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में जिले की पांचों सीटों पर पीढ़ियों व परिवारों का एक साथ मतदान करने में भी उत्साह देखा गया। परिवारों ने पहले एक साथ वोट डाला और बाद में सेल्फी लेते हुए दिन को यादगार भी बनाया। किसी ने तीसरी पीढ़ी संग तो किसी ने चौथी पीढ़ी से अपने नाम का मतदान कराया। सभी का यही कहना था कि हमारा वोट देश के लिए है, देश और प्रदेश उन्नति करें, इसीलिए पूरे परिवार को साथ ले मतदान करने आए हैं।
नानी को वोट डलवाने लाई दोहती
मॉडल टाउन के कन्या स्कूल में नानी को वोट डलवाने के लिए उनकी दोहती परनानी बूथ तक लेकर आई। 92 साल की शकुंतला मतदान के बाद उत्साहित दिखाई दी। उनको व्हील चेयर पर बैठाकर उनकी दोहती मायरा और परनानी पहले बूथ पर लेकर गई, बाद में बाहर भी लेकर आई। शकुंतला ने कहा कि नई सरकार युवाओं के प्रति सोचने वाली होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हरियाणा विधानसभा के पहले चुनाव में भी उन्होंने मतदान किया था।
पोतों-पोती संग दादी दिखी उत्साहित
मीराघाटी चौक स्थित आरएस पब्लिक स्कूल में सरस्वती देवी पूरे परिवार के साथ वोट डालने पहुंची थी। उनकी तीसरी पीढ़ी में पोती प्रियंका ने विस चुनाव में पहली बार मतदान किया। इसके अलावा पोते राजन और पारस, बेटे रामप्रसाद और बहू ममता ने भी मतदान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उन्नति के लिए उन्होंने मतदान किया है। नई सरकार प्रदेश में नई परियोजनाएं लाए और हर वर्ग के हित में कार्य हो, यही उनकी सरकार से उम्मीद है।
बहू और पोते संग आए बुजुर्ग दंपती
शिव कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय जयप्रकाश अपनी पत्नी ऊषा, बहू और पोते के साथ मतदान करने पहुंचे। प्रेमनगर स्थित राजकीय स्कूल में बने बूथ में उन्होंने परिवार सहित मतदान किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के हित, विकास और सुविधाओं के नाम पर उन्होंने मतदान किया है। नई सरकार से उम्मीद है कि वे बुजुर्गों के स्वास्थ्य लाभ और युवाओं के रोजगार के लिए कदम उठाएगी।
पांच बेटों और पोतों संग दो बहनों ने किया मतदान
शिव कॉलोनी की गली नंबर एक निवासी इंद्रावती (78) और उनकी बहन महेंद्री (70) भी अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचीं। प्रेमनगर के कन्या स्कूल में इंद्रावती अपने पांच बेटों, बहुओं और पोतों के साथ मतदान करने आईं तो वहीं महेंद्री भी अपने बेटे सुनील और बहू पूजा के साथ वोट डालने पहुंचीं। दोनों बुजुर्ग महिलाओं ने सबसे पहले मतदान किया, जबकि परिवार के सदस्यों ने बाद में वोट डाला। ऐसे में दोनों एक साथ स्कूल प्रांगण में बैठकर नई पीढ़ी को मतदान के लिए प्रेरित करतीं नजर आईं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से धार्मिक अनुष्ठान व परिवार की खुशियां हम मिलकर बांटते हैं, उसी तरह से मतदान का पर्व भी मिलकर मनाना चाहिए। दोनों बुजुर्ग महिलाएं करीब 25 वर्ष पहले एक-दूसरे से सत्संग में मिली थीं, तब से उनकी घनिष्ठता बढ़ गई और हर मतदान में एक साथ वोट डालने आती हैं।
रमेश्वरी ने परिवार के साथ डाला वोट
लाइनपार क्षेत्र निवासी रमेश्वरी अपने बेटे कुलदीप और बहू ममता के साथ मतदान करने पहुंचीं। राजकीय स्कूल में बने मतदान केंद्र पर उन्होंने वोट डाला। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर परिवार में उत्साह है, इसलिए सुबह ही वोट डालने पहुंचे। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे पर वोट डाला। उनका कहना है कि नई सरकार हर घर में रोजगार देने की पॉलिसी लाए, ये उम्मीद है।
रत्नी देवी के पोते ने दबाया ईवीएम का बटन
लाइनपार क्षेत्र की रत्नी देवी अपने बेटे सन्नी, बहू सोनिया और पोते के साथ वोट डालने पहुंची। मतदान केंद्र में रत्नी के नाम का वोट उनके पोते ने ईवीएम पर बटन दबाते हुए डाला। उनका परिवार उत्साहित दिखा। उन्होंने कहा कि महंगाई को कम किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी गली मोहल्ले के लोग भी एक साथ मिलकर मतदान करने पहुंचे हैं। नई सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।