- जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को परिवार के हाशिए में आ चुके ऐसे बुजुर्गो की भी चिंता है, जिनके अपने लाडले ही उनकी सेवा नहीं कर रहे हैं। जिससे वह शारीरिक रूप से तो परेशान है हीं, मानसिक रूप से भी आहत हैं। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग महिला जब मुख्यमंत्री के पास कुछ ऐसी ही शिकायत लेकर पहुंची तो उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्द ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें अपने माता-पिता की सेवा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
बड़े शहरों में एकाकी जीवन जीने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। करनाल जिले में ही कई ऐसी कोठियां हैं, जिनमें अकेले बुजुर्ग जिंदगी गुजार रहे हैं। उनके अपने बेटे विदेशों में जाकर रहने लगे हैं। आलम ये है कि पिछले कुछ सालों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब घरों में अकेले रह रहे बुजुर्ग की मौत हो गई, लेकिन घर से बदबू उठने के बाद पड़ोसियों से पता चला कि उनकी मौत तो कई दिन पहले हो गई थी। किसी ने फोन करके उनका हालचाल भी नहीं जाना। शहर में कई अनाथालय और वृद्ध आश्रम संचालित हैं, जहां ऐसे बुजुर्ग रहते हैं जिनके तीन से चार बेटे भी हैं और अच्छा कारोबार या नौकरी करते हैं, लेकिन बुजुर्ग को घर में रख दो वक्त की रोटी देने को तैयार नहीं हैं।
एक ऐसा वाकया आज मुख्यमंत्री के सामने पेश आया। जब एक बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके अपने बच्चे उसकी देखभाल नहीं कर रहे हैं। वह अपने होते हुए भी खुद को अकेली पा रही है। इसे सुनकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जल्द ऐसा कानून बनाएंगे, जिसमें अपने माता-पिता की सेवा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। इससे बुजुर्गों को उनका हक मिल सकेगा। हालांकि सरकार ने जो नीतियां बनाई हैं, उनसे हरियाणा के लोगों का जीवन सरल हो रहा है, लेकिन जीवन का एक पहलू ये भी है, जिसे लेकर सरकार गंभीर है।