करनाल। प्रदेश भर के नियमित सरकारी कर्मचारियों को अब आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए सरकारी कर्मियों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जा रहे हैं। इसके बाद आमजन की तरह सरकारी कर्मी भी पैनल से जुड़े निजी अस्पतालों में अपना निशुल्क इलाज करवा सकेंगे। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर के 322 निजी अस्पतालों को पैनल पर लिया है। इनमें करनाल के 20 निजी अस्पताल शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में आयुष्मान योजना शुरू की थी। जिसमें पांच लाख रुपये तक के इलाज की निशुल्क सुविधा लोगों को मिली। प्रदेश में इसका दायरा राज्य सरकार ने बढ़ाया और आयुष्मान चिरायु योजना नाम दिया। इसमें 1.80 लाख रुपये तक की आय वालों को शामिल किया गया। इसके बाद उन लोगों को भी इसके दायरे में लिया गया। जिनकी आय 1.80 लाख से भी अधिक है। इसके लिए उन्हें 1500 रुपये वार्षिक शुल्क देने की शर्त रखी। इससे काफी संख्या में नए पात्र बढ़ गए। इस समय जिले में आयुष्मान व आयुष्मान चिरायु योजना में नौ लाख 38 हजार 140 पात्र हैं। इनमें से सात लाख 97 हजार 958 कार्ड बन चुके हैं। फिलहाल एक लाख 40182 कार्ड बनने बाकी हैं।
वेतन कोड से बनेगा कर्मियों का आयुष्मान कोड
जिला कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. सरोज ने बताया कि सरकारी कर्मियों के साथ-साथ उन पर आश्रितों के भी कार्ड बनाए जाएंगे लेकिन उन्हीं को शामिल जाएगा जो कर्मियों ने अपनी सर्विस बुक में दर्शाएं हैं। इसलिए ही कर्मियों को वेतन कोड देना होगा क्योंकि परिवार पहचान पत्र में पूरे परिवार के नाम होते हैं। इनमें वह भी होते हैं जो कर्मी पर आश्रित नहीं है। इसके साथ ही परिवार पहचान पत्र को वेतन कोड से लिंक कराना होगा। जिससे कर्मियों की पूरी डिटेल पोर्टल पर आ जाएगी। इसमें उनके आश्रितों के भी नाम आएंगे। जिससे उनके कार्ड बन जाएंगे।
आयुष्मान एप से स्वयं बनवा सकेंगे कार्ड
आयुष्मान विभाग से अनीत कुमार ने बताया कि आयुष्मान एप से स्वयं भी कार्ड बनाया जा सकता है। इसके लिए आयुष्मान एप डाउनलोड करना होगा। जिसमें कर्मियों को सैलरी कोड डालना होगा। जिसके डालते ही उनकी पूरी डिटेल आ जाएगी और वह एप से ही अपना कार्ड जनरेट कर सकते हैं। इसके अलावा अटल सेवा केंद्र या उन अस्पतालों में हेल्प डेस्क पर कार्ड बनवाया जा सकता है जो पैनल पर हैं।
प्रदेश के आयुष्मान पैनल वाले अस्पताल
अंबाला में 26, भिवानी में 14, चरखी दादरी में 07, फरीदाबाद में 06, फतेहाबाद में 07, गुरुग्राम में 13, हिसार में 47, झज्जर में 13, जींद में 12, कैथल में 02, करनाल में 20, कुरुक्षेत्र में 17, महेंद्रगढ़ में 11, पलवल में 03, पंचकूला में 07, पानीपत में 24, रेवाड़ी में 13, रोहतक में 28, सिरसा में 25, सोनीपत में 15, यमुनानगर में 12 अस्पताल शामिल हैं।