तरावड़ी। गुजरात स्थित द्वारकाधीश मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य रजनीश ने कहा कि गोवर्धन पर्वत को गिरिराज के रूप में पूजा जाता है, जो श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की गहराई से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पर्वत त्रेतायुग से भगवान का भक्त रहा है और हनुमान उसे श्रीराम के दर्शन के लिए मथुरा ले जा रहे थे। श्रीराम ने उसे वरदान दिया कि वह उनके अगले अवतार श्रीकृष्ण के साथ जुड़ा हुआ रहेगा। आचार्य ने कलयुग की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस युग में जीव के कल्याण के लिए केवल हरि नाम का सुमिरण ही पर्याप्त है। सीमा गोयल, रजनी गोयल, अंकुल गोयल, विपुल गोयल, मुनीश गोयल, पंकज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद