माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जाको राखे साइंया, मार सके न कोय...ये कहावत मंगलवार सुबह 10 बजे उस समय चरितार्थ हुई, जब एक आठ साल की बालिका अपने मकान की छत से छज्जे के पास से गुजर रहे बिजली के तारों में फंस गई। बालिका के गिरते ही तेज चिंगारियां निकलीं। यह देख बिना कुछ सोचे नंगे पैर खड़े उसके पिता ने दौड़कर बेटी को तारों से अलग कर दिया। बालिका को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।
घटना हांसी रोड स्थित ब्रह्मनगर कॉलोनी की गली संख्या आठ की है। बताते हैं कि यहां अनिल कुमार के मकान के छज्जे से छूकर बिजली की लाइन गुजर रही है। मंगलवार सुबह अनिल कुमार की आठ साल की बेटी रूही अपने मकान की छत पर थी। अचानक रूही छज्जे की ओर आ गई और असंतुलित होकर छज्जे की ओर गिर गई, उससे पहले ही उसकी गर्दन बिजली के तारों में उलझ गई। अनिल ने दौड़कर बेटी को एक झटके में उठा लिया और सीधे अस्पताल पहुंचा। अनिल कुमार ने बताया कि बेटी जब तारों पर गिरी तो करंट था, क्योंकि चिंगारियां निकली थी लेकिन बेटी को उठाते समय उसे झटका लगा या नहीं, ये उसे महसूस नहीं हुआ। बेटी के गर्दन व हाथ में झुलसने के निशान हैं। डाक्टर ने बेटी को ठीक बताया है।
अभियंता से की थी शिकायत
भवन स्वामी अनिल कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले ही बिजली बोर्ड के कार्यकारी अभियंता को मिलकर उसने तारों को भवन से दूर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सप्ताहभर पहले जेई मौके पर देखने भी आया था, लेकिन तारों को अभी तक नहीं हटाया गया है। जिससे आज उसकी बेटी की जान खतरे में पड़ गई।