मूनक। राजकीय कन्या महाविद्यालय पाढा में सोमवार को गीता जयंती के अवसर पर सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य वक्ता सुदेश रानी ने गीता के उपदेशों को आधुनिक जीवन से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं के लिए गीता का विचार अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कर्मयोग, धर्म और आत्मबल पर जोर देते हुए कहा कि गीता किसी भी परिस्थिति में धैर्य व विवेक बनाए रखने की शिक्षा देती है। प्रो. दीपिका ने कहा कि निष्काम कर्म ही तनाव को दूर करने का रास्ता है, यदि व्यक्ति मोबाइल व स्क्रीन से दूर रहना शुरू कर दे तो वह अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण कर सकेगा। महाविद्यालय में पौधरोपण किया गया। संवाद