करनाल। जुंडला गेट के श्री बजरंग सेवा कुंज में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते हुए आशीष महाराज ने कहा कि बारिश के कारण आज शहर में पतंग नहीं उड़ी। जब पतंग कट जाती है तो वह लूटी जाती, लूटी तो समझों फटी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी पतंग को गुरु की डोर से बांधकर उड़ाना है। गुरु की डोर को नाप तोल कर बांधेंगे तभी पतंग उड़ेगी। वहीं गुरु के बताए साधन की डोर मजबूत होगी तभी उड़ेगी और फिर उसे कोई काट नहीं पाएगा। कथा व्यास ने कहा कि नारद जी पूरी श्रष्टि का भ्रमण करते हैं। वो अकेले ही है, जिन्हें पासपोर्ट की जरुरत नहीं है। उन्होंने मैं तो सोच सोच के हारा, तेरीयां तू जान मालकां भजन गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। संवाद