- बकाया संपत्ति कर का एक सप्ताह में भुगतान न करने पर संपत्ति होगी संबद्ध, नीलाम कर वसूली जाएगी बकाया राशि
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम का शहर के लोगों पर करीब 250 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। एक से पांच लाख रुपये तक के 202 बकायेदारों को जिन पर 30 करोड़ रुपये बकाया है, को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इनमें से 40 डिफाल्टर बकायेदारों को वीरवार को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया। जिसमें एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस अवधि में बकाया संपत्तिकर भुगतान नहीं करने पर संपत्ति को निगम से संबद्ध करने और फिर उसकी नीलामी करके बकाया राशि को वसूल करने की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि जनवरी माह बड़े 202 डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए गए थे और बकाया संपत्ति कर जमा करवाने के लिए एक माह का समय दिया गया था। जिन बकायादारों का समय पूरा हो गया है, नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा स्वयं भ्रमण कर संपत्ति कर जमा करवाने के लिए कहा गया है। इनमें से 50 को नोटिस बांटे जा चुके हैं, इनमें 40 डिफाल्टरों को एक सप्ताह का अंतिम समय दिया गया है। इस अवधि में जो डिफाल्टर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाएंगे, उनकी प्रॉपर्टी को अटैच करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से बकायादारों को लगातार छूट दी जा रही है। नववर्ष पर सरकार ने ब्याज माफी का तोहफा दिया था। इसके बावजूद भी जो बकायादारा अपना संपत्ति कर नगर निगम कार्यालय में जमा नहीं करवाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम के खजाने में अब तक 13 करोड़ 82 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा हो गए हैं। बकायादारों को कर से मुक्त करने के लिए सरकार की ओर से जारी छूट को देखते बकायादारों को चाहिए कि वे इस सुनहरी मौके का फायदा उठाएं और निगम के खजाने में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाकर चिंता मुक्त हो जाएं।
सभी बकायादारों से अपील की गई है कि वह समय रहते अपना संपत्ति कर नगर निगम के कोष में जमा करवा दें, अन्यथा उनकी संपत्ति कर अटैच किया जाएगा। इसके बाद संपत्ति को नीलाम करके संपत्ति कर वसूल किया जाएगा।
इतनी मिलेगी छूट
निगमायुक्त ने बताया कि 29 फरवरी 2024 तक जो बकायादार नगर निगम के खजाने में एकमुश्त राशि जमा करवाएगा, उसे शतप्रतिशत ब्याज माफी की छूट का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही बकाया मूल राशि व चालू वित्त वर्ष के बिलों पर भी 15 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट अनुमन्य होगी। लेकिन इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपनी संपत्ति आईडी. को स्व-प्रमाणित करना होगा।
ऑनलाइन भर सकते हैं संपत्ति कर
निगमायुक्त ने बताया कि व्यक्ति प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए किसी कारण से निगम कार्यालय में नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन टैक्स भरने की बहुत ही आसान प्रक्रिया है। इसके लिए ऑनलाईन पोर्टल, property.ulbharyana.gov.in (प्रॉपर्टी डॉट यूएलबी हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन) पर जाकर टैक्स भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रॉपर्टी टैक्स बिल पर छपे बार कोड को स्कैन करके साइट ख्रुल जाती है, उसमें भी व्यक्ति क्रेडिट व डेबिट कार्ड या पेटीएम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसमें समय की बचत भी होगी। यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी आईडी में आपत्ति दर्ज कर उसे दुरुस्त करवाना चाहता है, तो वह भी उपरोक्त पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवा सकता है।