नीलोखेड़ी। विस्तार शिक्षा संस्थान में प्राकृतिक खेती की विस्तार रणनीतियां विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। क्षे़त्रीय निदेशक संजय कुमार ने कहा कि केमिकल फार्मिंग से जमीन की उर्वरा क्षमता कम होती है और यह स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। प्राकृतिक खेती इस समस्या के सर्वोत्तम समाधान के रूप में उभरी है। इसलिए हमें समय रहते इस पर विमर्श करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. भरत सिंह घनघस, डाॅ. सत्यकाम मलिक, डाॅ. जसविंद्र कौर व डॉ. अजय कुमार आदि माैजूद रहे।