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Karnal News: बिना फार्म-6 भरे दो हजार रुपये तक बढ़ाई फीस

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गगन तलवार
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करनाल। किताबों के साथ-साथ निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी में भी मनमानी की जा रही है। कई स्कूलों ने अलग-अलग कक्षाओं के 500 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक फीस में इजाफा किया है। इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान हैं। स्कूल अपनी मनमर्जी से विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के नाम पर बढ़ाकर फीस वसूल रहे हैं। जिसका असर अभिभावकों की जेब पर पड़ रहा है।

हालात यह हैं कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए 17 दिन बीत चुके हैं और स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया भी जोरों पर है। लेकिन निजी स्कूलों ने एमआईएस पोर्टल पर फार्म-6 भरा है या नहीं, इससे शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी तक अनजान हैं। जबकि विभाग के निर्देशों के अनुसार, 22 मार्च तक स्कूलों को फार्म-6 भरकर फीस बढ़ाने, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाएं और शिक्षकों को दी जाने वाली सैलरी का भी ब्यौरा देना होता है। लेकिन तय समय तक ज्यादातर स्कूलों ने फार्म छह नहीं भरा था और अब शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों के पास एमआईएस पोर्टल पर फार्म-6 देखने के लिए लिंक ही नहीं है। ऐसे में स्कूलों की मनमर्जी, अधिकारियों और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण अभिभावकों की जेब कट रही है। वहीं स्कूल में पुराने पढ़ रहे विद्यार्थियों से भी एडमिशन फीस लेने का आरोप अभिभावक लगा रहे हैं।
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कच्ची पर्ची पर पूरी डिटेल, रसीद पर सिर्फ ट्यूशन फीस

एडवोकेट संदीप राणा और अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरूला ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश हैं कि पहली, पांचवीं, नौवीं व 11वीं में ही एडमिशन फीस ले सकते हैं। लेकिन स्कूल इसे हर साल चार्ज कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर अभिभावकों ने बताया कि नामी स्कूलों का कक्षा छठी का 8800 रुपये एडमिशन चार्ज है। 4500 रुपये एमेग्लेटिव फंड है। डेवलपमेंट फंड, एनुअल चार्ज, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर साइंस फीस आदि तरह तरह के मद लगाए जाते हैं। इन सभी की डिटेल कच्ची पर्ची पर समझाते हैं लेकिन रसीद में सिर्फ ट्यूशन फीस ही दिखाते हैं।



पहली कक्षा तक दाखिले के लिए चाहिए 40 हजार रुपये

एमआईएस पोर्टल न चलने से कई स्कूलों के एसएलसी भी नहीं कट पा रहे हैं। ऐसे में जिन विद्यार्थियों को स्कूल बदलना है, उन्हें भी परेशानी हो रही है। सेक्टर-14 निवासी सचिन ने बताया कि फीस के नाम पर स्कूलों में खुली लूट चल रही है। जिस कक्षा की फीस पिछले साल पांच हजार रुपये ली गई थी। उसकी इस साल सात हजार रुपये ली जा रही है। लेकिन यहां अगर एलकेजी में भी बच्चे का एडमिशन कराना हो तो प्राइवेट स्कूल के फीस रेट के हिसाब से अभिभावकों को पहले दिन ही 40 हजार रुपये का इंतजाम करना पड़ रहा है।



बिना फार्म-6 भरे कोई भी स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता। यदि किसी स्कूल ने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एमआईएस पोर्टल पर फिलहाल फार्म-6 देखने का लिंक नहीं आया है। निदेशालय को इसके लिए पत्र भी लिखा गया है ताकि स्कूलों की स्थिति पता चले।
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- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी



सभी स्कूलों ने फार्म-6 भरा है, बिना फार्म-6 भरे फीस में इजाफा कर ही नहीं सकते। एमआईएस पोर्टल भी नहीं चल रहा है। पिछले एक माह से परेशानी हो रही है। विभाग को पोर्टल भी दुरुस्त करना चाहिए।
- डॉ. राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
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