- आईसीएआर के क्षेत्रीय केंद्र और आईआईडब्ल्यूबीआर उपलब्ध कराएगा उच्च गुणवत्ता वाला बीज
- आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल का बीज बुकिंग के लिए 15 को खुलेगा पोर्टल
- सभी प्रजातियां पीला रतुआ मुक्त होंगी, बढ़ेगी पैदावार
देव शर्मा
करनाल। इस बार किसानों को गेहूं की कई नई किस्मों के बीज उपलब्ध होंगे। इनमें अधिकांश प्रजातियां जलवायु अनुकूल होने के साथ रोगमुक्त भी होंगी। बीज वितरण की तैयारियां भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र करनाल और भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने कर ली है। इनमें कुछ बेहतर पैदावार वाली पुरानी किस्मों के बीज भी शामिल होंगे, लेकिन कई किस्मों के बीज पहली बार किसानों को मिलेंगे।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र (आईएआरआई) करनाल के निदेशक डॉ. राम निवास यादव ने बताया कि इस साल भी गेहूं की बिजाई मध्य अक्तूबर के बाद शुरू हो जाएगी। वर्ष 2023 में आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र करनाल में गेहूं की एचआई-1620, एचडी-3226, एचडी-3086 व पुरानी किस्म एचडी-2968 के बीज का वितरण शीघ्र शुरू किया जाएगा।
गेहूं की किस्मों में एचडी 3226 अगेती किस्म है, इसकी बुआई तो अक्तूबर में होगी, शेष किस्मों की बिजाई नवंबर में की जाएगी। इसके अलावा कुछ किस्में ऐसी भी हैं, जिनका भी उच्चगुणवत्ता वाला पीला रतुआ मुक्त बीज तैयार किया जा रहा है, लेकिन अभी प्रक्रिया में हैं, लेकिन वह अगले साल ही किसानों तक पहुंच पाएंगी। बीज 40 किलो की पैकिंग में हैं, एक किसान को चार या पांच बैग ही दिए जा सकेंगे।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल ने किसानों के सोशल मीडिया ग्रुप पर सूचना जारी कर दी है, जिसके तहत गेहूं की 11 किस्मों व जौ की एक किस्म का बीज 15 सितंबर से बांटा जाएगा। बीज का मूल्य 50 रुपये प्रति किलो है। प्रति किसान अधिकतम 10 किलो बीज ही ले सकेगा। आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह की ओर से एक पोर्टल तैयार किया गया है जो 15 सितंबर से खुलेगा और एक बार कोड जारी किया है, जिसे स्कैन करके या फिर वेबसाइट पर जाकर किसान बीज के लिए बुकिंग करा सकते हैं।
आईआईडब्ल्यूबीआर इन किस्मों का बीज वितरित करेगा
गेहूं की डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-222, डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-332, डीबीडब्ल्यू-296, डीबीडब्ल्यू-370, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-372, डीबीडब्ल्यू-316 और डीडीडब्ल्यू-55 किस्म शामिल हैं, जबकि जौ की डीडब्ल्यूआरबी-137 किस्म का भी बीज किसानों को वितरण किया जाएगा।
आईएआरआई से मिलेगा इन किस्मों का बीज
गेहूं की बिजाई मध्य अक्तूबर के बाद शुरू हो जाएगी। इसलिए आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र करनाल ने बीज वितरण की तैयारी कर ली है। वर्ष 2023 में आईएआरआई क्षेत्रीय केंद्र करनाल में गेहूं की एचआई-1620, एचडी-3226, एचडी-3086 व पुरानी किस्म एचडी-2968 के बीज का वितरण किया जाएगा।
अगले साल मिलेगा इन किस्मों का बीज
आईएआरआई करनाल के निदेशक ने बताया कि क्षेत्रीय केंद्र करनाल में गेहूं की एचडी-3386, एचडी-3385, एचडी-3410, एचआई-1653 व एचआई-1654 किस्मों का बीज तैयार करने पर कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी इसमें समय होने के कारण ये बीज इस साल किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा। बीज की तैयारी अंतिम चरण में है, लेकिन इन किस्मों का बीज 2024 में किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र करनाल में पिछले लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले बीजों पर काम किया जा रहा है। इस बार भी कई प्रजातियों के बीज तैयार किए गए हैं। इन बीजों से गेहूं की उत्पादन क्षमता सुधरेगी, रोगमुक्त होंगे, जिसका लाभ किसानों को भी मिलेगा।
- डॉ. राम निवास यादव, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र करनाल