फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यमंत्री को किसानों ने दिखाए काले झंडे, कृषि कानून वापस करने की मांग

विज्ञापन
Farmers show black flags to Minister of State, demand to return agriculture law - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
लघु सचिवालय में सीएम के वीडियो कांफ्रेंस उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचीं राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के कार्यक्रम का महिला और पुरुष किसानों ने विरोध किया। काले झंडे दिखाए और सरकार विरोधी नारेबाजी कर कृषि कानून वापस करने की मांग की। मौके पर एसडीएम संजय कुमार व डीएसपी कुलवंत सहित भारी पुलिस बल ने किसानों को बेरिकेड लगाकर करनाल रोड पर ही रोके रखा। सुबह साढे़ दस बजे किसानों का प्रदर्शन शुरू हुआ था और साढ़े 12 बजे तक किसान व पुलिस प्रशासन तपती धूप में सड़क के बीचों बीच खड़े रहे। इस दौरान पूरे दो घंटे किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और महिला किसानों ने राज्यमंत्री के खिलाफ स्यापा पाया। बता दें कि राज्य मंत्री के कार्यक्रम की सूचना मिलते ही किसान हनुमान वाटिका में एकत्रित होना शुरू हो गए। इसके बाद भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल की अध्यक्षता में किसान सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए करनाल रोड से होते हुए लघु सचिवालय की आरे रवाना हुए। पुलिस प्रशासन ने भी किसान आने की सूचना मिलते ही लघु सचिवालय के मेन गेट के बाहर करनाल रोड पर ही बेरिकेड लगाकर किसानों को रोक लिया गया। पुलिस और किसानों के बीच तनाव बढ़ता देख एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने किसानों को समझाया और रोके रखा। इसके बाद 11 बजे जैसे ही राज्यमंत्री कमलेश ढांडा उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंची तो किसानों ने जोरदार नारेबाजी की काले झंडे दिखाकर विरोध किया। जब तक उद्घाटन कार्यक्रम का समापन नहीं हुआ किसान नारेबाजी करते रहे। समापन के बाद जैसे ही राज्यमंत्री जाने लगी तो किसानों ने काले झंडे लहराए। इसके बाद किसान नेता होशियार गिल ने किसानों को अपने अपने घर लौटने का आह्वान किया और किसान प्रदर्शन का समापन कर लौट गए। किसान होशियार गिल, सतपाल दिल्लोंवाली, केशा राम प्यौदा, रणबीर, रामकिशन, नरेंद्र माघो माजरी, महाबीर चहल ने कहा कि सरकार के हर कार्यक्रम का किसानों द्वारा विरोध किया जाएगा। जब तक सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक ऐसा ही चलता रहेगा। किसानों ने मन बना लिया है अब किसान कानून वापस कराकर ही रहेगा। उसके लिए चाहे कितने दिन भी धरने पर बैठना पड़े। इस अवसर पर कामरेड प्रेम चंद, सोहन पुनिया, चमकौर सिंह, ओमप्रकाश करोड़ा, शंकुन्तला, बीरमति, देवीदयाल, अजमेर सिंह तितरम, ईश्वर खेड़ी व जयपाल फौजी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें