माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। किसानों की ओर से निकाली जा रही किसान मजदूर जागृति यात्रा शनिवार को करनाल पहुंची। यहां किसानों ने अपनी मांगों का मांग पत्र देने के लिए सीएम आवास की तरफ कूच किया। इस दौरान पुलिस ने सीएम आवास से पहले ही किसानों को बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इसके बाद किसानों ने वहीं पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि उनकी एमएसपी सहित 17 मांगों को लेकर यात्रा निकाली जा रही है। जिसका मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगें पूरी नहीं करती उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अन्नदाता किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने कहा कि किसानों की किसान-मजदूर जागृति यात्रा धमतान साहिब से शुरू हुई और प्रदेश के कोने-कोने से होती हुई करनाल पहुंची है। किसानों की एमएसपी सहित विभिन्न 17 मांगें हैं। उनकी मुख्य मांग एमएसपी कानून की है जिसका प्रधानमंत्री ने आश्वास न दिया था। लेकिन सरकार ने अभी तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाया। लखीमपुरी में किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लिया जाए, किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए। किसान अपने मांगों को लेकर सीएम आवास पर ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे। जब तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। यदि किसानों को करनाल में धरना शुरू करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे। यात्रा के दौरान करनाल के अलावा सिरसा, पूंडरी, निसिंग आदि जगहों से किसान पहुंचे।
सरपंचों पर हुए लाठीचार्ज की हुई निंदा
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पिछले दिनों चंडीगढ़ में सरपंचों पर किए गए लाठी चार्ज की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरपंच गांव में मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री होता है। जिसे गांव की सरकार कहते हैं। सरकार ने उनके ऊपर ही लाठीचार्ज कर दिया। जो गलत है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे पहले किसानों पर किया गया। अब गांव के मुखिया के साथ ऐसा व्यवहार होना गलत है।