करनाल। मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन और भोपाल जिलों के 25 प्रगतिशील किसान शनिवार को राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) पहुंचे। यहां किसानों ने धान-गेहूं की उन्नत प्रजातियों से पशु क्लोनिंग और औद्योगिक स्तर पर दूध प्रसंस्करण तक की तकनीकों की जानकारी ली। फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए बताया गया कि इनका उचित उपयोग मृदा स्वास्थ्य सुधारने और प्रदूषण कम करने में मददगार हो सकता है। भ्रमण का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार सारस्वत और तकनीकी अधिकारी अश्वनी कुमार ने किया। हरियाणा के बाद किसान दल पंजाब की उन्नत कृषि तकनीकों का अध्ययन करेगा। ब्यूरो