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Karnal News: धान खरीद न होने से भड़कें किसानों ने हाईवे किया जाम, बारिश से भीगी फसल

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धान खरीद न होने से भड़कें किसानों ने हाईवे किया जाम, बारिश से भीगी फसल - फोटो : धान खरीद न होने से भड़कें किसानों ने हाईवे किया जाम, बारिश से भीगी फसल
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- मंडियों में नहीं हो रही खरीद, राइस मिलर भी धान न खरीदने की जिद पर अड़े
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी खरीद घोषित होने के बावजूद अधिकतर मंडियों में धान नहीं खरीदा जा रहा है। चुनाव और रविवार की छुट्टी के कारण तीन दिनों से खरीद बंद है। किसान कई दिनों से रखवाली कर रहे हैं। अब रविवार सुबह बारिश होने के कारण हजारों क्विंटल धान भीग गया है, जिसका दाना खराब होने की आशंका पैदा हो गई। धान की दुर्दशा को लेकर असंध अनाज मंडी के निकट किसानों ने नेशनल हाईवे 709ए पर जाम लगाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है।
वहीं, राइस मिलर्स अभी धान खरीदने को तैयार नहीं हैं, वह सोमवार को कैथल के चीका में होने वाली बैठक में फैसला करेंगे कि धान खरीदें या नहीं। जिला करनाल राइस मिलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राज कुमार गुप्ता ने बताया कि कल कैथल जिले में प्रदेशस्तरीय बैठक है, उसमें जो निर्णय होगा, उसी को माना जाएगा।
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छह दिन से नहीं बिका धान
करनाल मंडी में किसान रजनीश ने बताया कि छह दिन हो गए हैं वह मंडी में धान लेकर आ रहे हैं। धान की खरीद न होने के कारण घर का खर्चा नहीं चल पा रहा। बच्चों के स्कूल की फीस भरने में भी दिक्कत आ रही है। अलसुबह जो बारिश आई थी उसके कारण उनकी धान खराब हो गई और अब तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया।


फोटो 54

पहली बार अनाज की इतनी दुर्दशा हो रही
किसान जसवंत सिंह ने बताया कि वह अपना धान हर वर्ष अनाज मंडी में लाता है और जो धान की खरीद इस बार इतनी धीरे हो रही है ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने पिछले साल का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले साल सरकार की ओर से दी गई तारीख पर धान की खरीद शुरू हो गई थी। यदि धान की खरीद शुरू हो जाती है तो उनको फसल लगाने में जितनी लागत लगी है वह वापस आ जाएगी





अब तक नहीं खरीदा धान
किसान हरजिंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी फसल 27 सितंबर को लेकर आ गए थे, लेकिन उसका फायदा नहीं हुआ, क्योंकि अब तक उनकी धान खरीदने कोई नहीं आया। उन्होंने बताया कि न तो धान की खरीद हुई और न ही कोई अधिकारी मिलने आया। अगर धान की खरीद समय रहते शुरू नहीं करनी थी तो बता देते हम अपनी धान लेकर मंडी में नहीं आते।





कोई खरीदने को तैयार नहीं अनाज
किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से निर्धारित रेट पर हम धान बेचने को तैयार हैं लेकिन कोई उसे खरीद नहीं रहा। उन्होंने बताया कि सरकारी खरीद इस बार बहुत धीरे हो रही है। सरकार की ओर से दी गई तारीख के बाद भी अभी तक बिक्री नहीं हुई। मंडी में धान लाने का कोई फायदा नहीं है रोज आते हैं और बैठ कर चले जाते हैं। फसल में डालने वाली दवाइयों के रेट इतने बढ़ गए हैं कि जो लागत फसल में दवाई डालने में लगती है मंडी में आकर वह लागत पूरी नहीं हो पाती।

खरीद एजेंसियों के पास नहीं कोई इंतजाम : छत्तरपाल

संवाद न्यूज एजेंसी

असंध। अनाज मंडियों में धान की दुर्दशा हो रही है। असंध मंडी में भी धान नहीं खरीदा जा रहा है। जिससे गुस्साए किसानों ने रविवार को नई अनाज मंडी के निकट नेशनल हाईवे 709ए के पुल पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। जिससे हाईवे पर जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने अब रूट डायवर्ट कर दिया है। फिलहाल आवागमन में दिक्कत हो रही है।

भाकियू सर छोटूराम के छत्तरपाल सिंधड़ ने बताया कि इस बार तो सरकार ने हद कर दी है। खरीद एजेंसियों के पास कोई इंतजाम नहीं है। राइस मिलर भी मनमानी पर रहे हैं। फसल बर्बाद हो रही है। इसका समाधान सरकार के पास है लेकिन सरकार को किसानों को देखने को फुर्सत नहीं है। भाकियू के जगिंद्र झीड़ा ने कहा कि जब तक खरीद शुरू नहीं होती, तब तक किसान धरना खत्म नहीं करेंगे। मौके पर सोनू झब्बर बलविंदर सिंह, बलजीत सिंह, रमेश, राजिंद्र, महिंद्र सिंह थल व साहब सिंह आदि शामिल थे। बताते हैं कि किसानों को मनाने के लिए डीएसपी असंध भी पहुंचे। किसानों से बात भी की लेकिन सहमति नहीं बन पाई। मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि फिलहाल समस्या का हल करने के लिए दो खरीद एजेंसियों खाद्य, वेयर हाउस की ड्यूटी लगाई गई है, दोनों एजेंसी खरीद रही हैं। कल से हैफेड भी खरीद करेगा। चावल मिलर हड़ताल पर हैं, इसीलिए विकट समस्या बनी है।


मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल धान
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। रविवार सुबह चार बजे की बारिश ने किसानों की चिंता को और बढ़ा दिया है। किसान मंडी में फसल लेकर दो दिन से नमी के कारण न बिकने की वजह से बैठे थे और नमी को सुखाने के लिए मंडी के फड़ों पर धान फैला रखी थी। बारिश से मंडी परिसर में जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें फैला पड़ा धान भीग गया।
खरीदार धान में नमी अधिक बता रहे हैं, जिसके कारण किसान धान सुखाने के लिए मंडी परिसर में फैला रहे हैं। सुबह बारिश शुरू हो जाने से उसे समेटा भी नहीं जा सका। काफी धान बह गया और शेष भीग गया। धान की बोरियां भी हजारों की संख्या में बाहर रखी हैं, वह भी भीग गईं। आढ़तियों ने कहा कि मंडी में एक शेड निर्माणाधीन है। जिसकी वजह से फसल को खुले में डालने पर मजबूर हैं। मंडी प्रशासन ने भी पानी निकासी का पुख्ता प्रबंध नहीं किया है। थोड़ी बारिश से मंडी में पानी भर जाता है और कबाड़ के जगह-जगह ढेर लगे हैं। आढ़ती नरेश कुमार, प्यारा लाल, विनोद कुमार, राजेश कुमार, सचिन गर्ग का कहना है कि प्रशासन पानी निकासी का पुख्ता इंतजाम करें ताकि जमीदार की फसल खराब न हो।

मंडी के बाहर धान की ट्रालियों की लगी लंबी कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। अनाज मंडी निसिंग में पीआर धान 114 व 126 की बंपर आवक हो रही है। शनिवार शाम सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां की कतारें लगनी शुरू हो गईं, जोकि रविवार सुबह होने तक सांभली मोड़ से लेकर अनाज मंडी गेट व सिंघड़ा गांव तक कतारें लग गईं।
मंडी सचिव ने सुबह पांच बजे मंडी में प्रवेश करने वाले दोनों मुख्य गेटों को खुलवाया। जिससे सड़कों पर लगे दोनों ओर जाम से राहगीरों को राहत मिल सकी।

राइस मिलरों की बैठक बेनतीजा
निंसिंग। अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मंडी एसोसिएशन व किसान नेताओं की पीआर धान की खरीद सुचारू रूप से शुरू करवाने को लेकर रविवार को मार्केट कमेटी सचिव के साथ बैठक की। जिसमें मंडी एसोसिएशन प्रधान लाला रतन लाल गोयल, व्यापार मंडल प्रधान नंबरदार कर्ण सिंह गुनियाणा, पूर्व मंडी प्रधान वेदप्रकाश त्यागी, पूर्व व्यापार मंडल प्रधान बलवीर राणा, किसान नेता कुलदीप सिंह बब्बर, किसान सभा के तहसील प्रधान गुलजार सिंह ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद अनाज मंडी के बाहर रविवार को सुबह धान की ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी लाइन लग गई। खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की चुनावी ड्यूटी होने के कारण रविवार को छुट्टी पर होने से अनाज मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई।
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मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने राइस मिल संचालक राजेश गोयल, सुनील गोयल व रतन लाल को कार्यालय में बुलाया और धान की खरीद में सहयोग की बात कही। जिससे अनाज मंडी में धान की खरीद सुचारू रूप से चल सके। मिल संचालकों ने कहा कि सरकार के साथ अभी पीआर धान खरीद को लेकर समझौता नहीं हुआ है। इसलिए हम अनाज मंडी में खरीद शुरू नहीं कर सकते और न ही खरीद एजेंसी के निरीक्षक हमें मिले हैं।
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