करनाल। मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता के लिए कर्मचारियों का दल अल सुबह रवाना हुआ। प्रदेशभर के एजुसेट चौकीदार, मिड डे मील कर्मी व पार्ट टाईम चौकीदारों की बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता हुई। इस दौरान कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। सरकार की ओर से कर्मचारियों को नसीहत दी गई कि यदि कर्मचारी कौशल रोजगार निगम के दायरे में रहकर कार्य करने को तैयार हैं तो उन्हें वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ नौकरी की तसल्ली दी जा सकती है जिसमें 42 वर्ष से कम आयु के कर्मचारियों को निगम की पॉलिसी के आधार पर रखा जाएगा इससे ज्यादा की उम्र वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन पर खा जा सकता है।
इसके विरोध में कर्मचारियों ने आठ जनवरी को करनाल में मुख्यमंत्री आवास पर महापड़ाव का एलान किया है। बुधवार को प्रदेशभर कर्मचारी जो वार्ता के लिए नहीं जा पाए उन्होंने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि चौकीदारों को 10 माह की बजाय के पूरे साल 12 माह वेतन दिया जाए तथा 11 नवंबर 2003 की विभागीय नीति अनुसार कर्मचारियों को नियमित करने व विद्यालयों में कार्यरत मिड-डे मिल कर्मियों को भी उनके सामान वेतन देने की मांग की। इस दौरान एजुसेट चौकीदारों, मिड डे मिल कर्मियों व पाट टाईम कर्मचारियों ने संयुक्त तत्वावधान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला करनाल के प्रधान बलकार, उप-प्रधान जसपाल, महासचिव महाबीर, संगठन मंत्री मुकेश, कैशियर सुनील, राजबाला, संतोष, प्रमिला सहित अन्य कई कर्मचारी मौजूद रहे।