- पुलिस का सुरक्षा घेरा व बैरिकेड तोड़ा, 10 को सीएम से वार्ता का आश्वासन मिलने पर लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नियमितीकरण सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) हरियाणा के बैनर तले प्रदेश भर के कर्मचारियों ने पुलिस का सुरक्षा घेरा व बैरिकेड तोड़ने के बाद सीएम आवास पर धरना दिया। इससे पहले मानव सेवा संघ के पास कर्ण पार्क में प्रदेशभर के कर्मचारी एकत्रित हुए। जहां पर प्रदेशाध्यक्ष विशाल धनखड़, प्रदेश महासचिव हरि राज सहित प्रदेशभर के जिला प्रधानों ने संबोधित किया।
जिसके बाद कर्मचारी सीएम आवास पहुंचे और करीब नौ घंटे तक धरना दिया। इसके बाद पांच सदस्यीय दल ने सात बजे ओएसडी संजय बठला के साथ वार्ता की। करीब आधे घंटे के बाद ओएसडी ने लिखित में 10 जुलाई को एनएचएम कर्मचारी संगठन को सीएम के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया। बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य विभाग के एसीएस, डीजी व एमडी मौजूद रहेंगे। जिसके बाद सभी कर्मचारी सीएम आवास के सामने से उठे।
आठ महिला कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत
एनएचएम कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान तेज धूप में आठ महिला कर्मचारियों की तबियत बिगड़ गई। जिनमें से दो की तबियत ज्यादा खराब होने के कारण नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं अन्य को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। जिसके बाद उन्हें ई-रिक्शा में बैठाकर धरना स्थल पर लाया गया।
ये हैं मुख्य मांगें-
एनएचएम कर्मचारियों को एक पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। जब तक नियमितीकरण की पॉलिसी बने तब तक उन्हें सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, एक्सग्रेसिया व अपील और सजा हरियाणा सिविल सेवा नियम के अनुसार प्रदान की जाए। एनएचएम को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। सभी कर्मचारियों को ड्रेस कोड के हिसाब से वर्दी व धुलाई भत्ता दिया जाए। कर्मियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समयाविधि में बढ़ी हुई सीएल, ईएल व सीसीएल प्रदान की जाए और नियमित कर्मियों की तर्ज पर सभी एनएचएम कर्मचारियों को भी कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।